गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव की आज होगी घोषणा, शाम 4 बजे होगा एलान

नई दिल्ली। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों का आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग ऐलान करेगा। चुनाव आयोग की घोषणा से पहले ही दोनों राज्यों में सियासत तेज हो गई हैं। दोनों ही राज्यों में कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला होना है। इससे पहले भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ए के जोति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात चुनाव कराए जा सकते हैं। जनवरी के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि गुजरात के सभी पचास हजार बूथों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। गोवा में ये आजमाई जा चुकी हैं। आयोग पहली बार इन चुनावों में महिलाओं के लिए मतदान केंद्र बनाने जा रहा है। जल्द आयोग की एक टीम चुनाव की तैयारियों के लिए गुजरात जाएगी। गौरतलब है कि गुजरात में 182 विधानसभा सीटें हैं। अभी भाजपा के पास 120, कांग्रेस 43, एनसीपी 2, जद(यू) 1, 1 सीट निर्दलीय के पास है। वहीं हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं। जहां 36 कांग्रेस के पास, 27 भाजपा के पास और 5 निर्दलीय के पास हैं। गुजरात विधानसभा के लिए पिछली बार 13 और 17 दिसंबर को चुनाव हुआ था और 20 दिसंबर को नतीजे आए थे. गुजरात में बीजेपी का परचम लहराया था। उसे 182 में से 116 सीटें मिली थीं। गुजरात में 48 फीसदी वोट भाजपा को नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मिले थे। दरअसल गुजरात भाजपा का गढ़ माना जाता है। यहां 1998 से भाजपा लगातार सत्ता में है। मुख्य चुनाव आयुक्त ए के जोति का कहना है कि चुनाव के दौरान पैसा, शराब, मादक पदार्थ व अन्य वस्तुओं के वितरण पर अंकुश लगाते हुए भयमुक्त माहौल में चुनाव कराना प्राथमिकता होगी। बॉर्डर चेकपोस्ट व संवेदनशील बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त जोति ने मंगलवार को मुख्य सचिव जेएन सिंह तथा कार्यकारी पुलिस महानिदेशक गीथा जौहरी से इस बाबत चर्चा की। जोति ने बताया कि राज्य में 4 करोड़ 33 लाख मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 10 लाख 46 हजार नए जुड़े हैं। कोई भी नागरिक मोबाइल ऐप, एसएमएस, वीडियो व फोटो भेजकर चुनाव आचार संहिता के भंग होने की शिकायत कर सकेगा। हेलीकॉप्टर, चार्टर प्लेन आदि के लिए संबंधित एजेंसी डीजीसीए, एविएशन आदि से भी नियत समय में मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने बताया अवैध धन की निकासी व वितरण पर रोक के लिए बैंकों से होने वाले लेनदेन की निगरानी की जाएगी। जीपीएस सिस्टम के जरिये वाहनों के मूवमेंट की भी निगरानी की जाएगी। उम्मीदवारों के शपथ पत्र आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। सोमवार को चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे। कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसद वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी। जबकि भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी

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