एनजीटी से दिल्ली सरकार की गुजारिश, ऑड-इवन में महिलाओं को मिले छूट

ऑड-ईवन: एनजीटी की फटकार के बाद केरीवाल सरकार ने दायर की पुनर्व‌िचार याच‌िका नई दिल्ली। देश की राजधानी में आम आदमी पार्टी ऑड-इवन लागू कर पाएगी या नहीं? इसका अंतिम फैसला दोपहर बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) करेगा। ऑड-इवन लागू करने में महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट देने को लेकर फंसे पेंच के चलते दिल्ली सरकार एनजीटी सोमवार पहुंची। दिल्ली सरकार ने एनजीटी में संशोधित पुनर्विचार याचिका दायर कर गुहार लगाई कि ऑड-इवन फॉर्मूले में महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट दी जाए।वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ पूरी कैबिनेट पर्यावरण विशेषज्ञों के संपर्क में है और हालात पर नजर रखी जा रही है। ट्रकों के आवागमन और निर्माण कार्यों पर रोक पर हमारी नजर है। ऑड-इवन में महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को छूट देने के मुद्दे परहमने एनजीटी ने याचिका दायर कर दी है। दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट देना चाहती है, जबकि एनजीटी इसके लिए राजी नहीं है। एनजीटी का तर्क है कि दिल्ली में 30 फीसद प्रदूषण तो दोपहिया वाहनों से होता है, ऐसे में उन्हें छुट नहीं दी जा सकती है। इस पर दिल्ली सरकार सोमवार को महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट देने की एनजीटी से गुजारिश करेगी। यहां पर बता दें कि दो दिन पहले शनिवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के महिलाओं और दो पहिया वाहनों को ऑड-ईवन के दौरान छूट नहीं देने के फैसले के बाद दिल्‍ली सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया था। वहीं इस मामले में दिल्‍ली सरकार सोमवार को एनजीटी में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी। इस याचिका में दिल्‍ली सरकार महिलाओं और दो पहिया वाहनों को छूट देने की मांग करेगी। यह भी कहा जा रहा है कि अगर एनजीटी दिल्‍ली सरकार की पुनर्विचार याचिका स्‍वीकार करता है तो दिल्‍ली सरकार मंगलवार से ऑड-ईवन दोबारा से लागू कर सकती है। पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा पराली जलाने के बाद पैदा हुए स्मॉग से देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण अब भी खतरनाक स्तर पर है। इस बीच जहां हरियाणा के गुरुग्राम में स्कूल बंद हैं, लेकिन दिल्ली में सोमवार से बच्चों के स्कूल खुल गए। हालांकि, अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें मास्क के साथ स्कूल भेजा है। वहीं, दिल्ली सरकार पर आरोप है कि वह वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को कम करने के लिए कुछ नहीं कर पाई, लेकिन स्कूलों को शुरू करने के आदेश दे दिए गए थे। इसके विपरीत सरकार का कहना है कि प्रदूषण के चलते पांच दिन स्कूल बंद रहे, बच्चों की पढ़ाई ज्यादा बाधित न हो इसलिए स्कूलों को सोमवार (13 नवंबर) से खोले दिए गए। वहीं, रविवार को हुई छुट्टी के बाद भी रविवार को वायु प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया जिसके साथ वायु गुणवत्ता खतरनाक हो गई। एजेंसियों के अनुसार यह हवा स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक है। एयर क्वालिटी इंडेक्स द्वारा जारी अांकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के मंदिर मार्ग पर पीएम का स्तर 523,आनंदविहार पर 510, पंजाबी बाग में 743 और शादीपुर में 420 रहा। वहीं, दिल्ली के साथ गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद में प्रदूषण का स्तर दिल्ली के आसपास ही है।

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