महाराष्ट्र में पेट्रोल 2 रुपये, डीजल 1 रुपये सस्ताः सरकार ने घटाया वैट

केंद्र की अपील पर महाराष्ट्र-गुजरात ने घटाये पेट्रोल-डीजल की कीमतें नई दिल्लीः देशभर में पेट्रोल के बढ़े दामों पर हंगामा मचने के बाद अब धीरे-धीरे लोगों को कुछ राहत देने के फैसले आ रहे हैं. पहले केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई और अब कुछ राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाना शुरू किया है जिसके बाद लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद है. महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पर 2 रुपये और डीजल पर 1 रुपये वैट घटा दिया है. महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) घटा दिया है जिसके बाद ईंधन कीमतों में कटौती हुई है. राजधानी मुंबई में पेट्रोल के दाम 79.58 रुपये से घटकर 77.58 रुपये हो गए हैं. वहीं मुंबई में डीजल के दाम 60.55 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. ये घटे हुए दाम आज सुबह 6 बजे से लागू हो चुके हैं. दरअसल लंबे समय से ये कहा जा रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने के बावजूद केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले टैक्स के चलते ही देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बेहद ऊंचे हैं. गौरतलब है कि राज्यों में लगने वाले विभिन्न टैक्स के कारण ही 27 रुपये प्रति लीटर (लगभग) के पेट्रोल पर लोगों को करीब 37 रुपये तक टैक्स चुकाना पड़ता है. जैसे राजधानी दिल्ली में अभी पेट्रोल-डीजल पर वैट 27 फीसदी है और अगर यहां की सरकार इनपर करीब 5 फीसदी वैट घटा दे तो कम से कम यहां दाम 2.70 रुपये तक सस्ते हो सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्साइज ड्यूटी घटाने का एलान करते समय राज्यों से कहा था कि वो कम से कम पेट्रोल-डीजल पर 5 फीसदी वैट कम करें ताकि राज्यों में इनके दाम कम हो सकें. जिसके बाद गुजरात पहला राज्य बना था जहां सीएम विजय रुपानी ने फ्यूल पर वैट घटाने का एलान किया था. वहीं सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने पर विचार कर रही है, लिहाजा यहां की जनता को भी शायद सस्ते पेट्रोल-डीजल का तोहफा मिल सकता है. 6 अक्टूबर को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के दौरान भी धर्मेंद्र प्रधान ने उनसे राज्य में वैट दरें 5 फीसदी घटाने की अपील की थी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी एक्साइज ड्यूटी में कटौती के एलान के समय कहा था कि अब राज्यों के ऊपर है कि वो कितना वैट कम करके अपने नागरिकों को राहत देते हैं. दरअसल पेट्रोल-डीजल फिलहाल जीएसटी के दायरे में नहीं है जिसकी वजह से हर राज्य में इन पर टैक्स, वैट की दरें अलग-अलग हैं.

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