पूर्व मंत्री ललई, पूर्व सांसद धनंजय, एमएलसी प्रिंशू के आवास पर छापा

जौनपुर। खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ पिछले दिनों अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हुए बवाल में आरोपी बनाए गए पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू की गिरफ्तारी के लिए सीओ शाहगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार को तीनों नेताओं के आवास पर छापेमारी की और तलाशी ली। तीनों नेताओं के आवास पर नहीं मिलने के कारण पुलिस लौट गई। पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ पहले एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंशू के कोतवाली स्थित आवास पर गए। इसके बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह के कालीकुत्ती स्थित आवास पर पहुंचे जहां सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस अफसरों को गेट पर ही रोक दिया और कहा कि बिना सर्च वारंट के वह अंदर नहीं जाने देंगे। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों व सुरक्षा कर्मियों में कहासुनी हुई। इंस्पेक्टर कोतवाली ने कहा कि हम कहीं भी जा सकते हैं। यहां सुरक्षा में लगे जवानों ने कहा कि हम बिना अधिकारियों की अनुमति के अंदर नहीं जानें देंगे। कहासुनी के बाद सीआईएसएफ के एक जवान ने अपने अधिकारी से बात कराई। इसके बाद पुलिस कर्मी गेट के अंदर दाखिल हुए और फोटो खिंचवाकर वीडियो रिकार्डिंग कराने के बाद लौट गए। धनंजय सिंह के यहां से पुलिस टीम मियांपुर स्थित विधायक शैलेंद्र यादव ललई के भाई संजय यादव अधिवक्ता के आवास पर पहुंची। आवास के दरवाजे पर ताला बंद देख पुलिस अधिकारी ने एक दुकानदार से यह कहते हुए कि ललई यादव आए तो उनसे कह देना हाजिर हो जाएं नहीं तो दोबारा आने पर महंगा पड़ेगा। दुकानदार ने कहा कि मोबाइल नंबर मिला दे रहे हैं, आप खुद कह दीजिए। इसके बाद पुलिस अधिकारी चले गए। उल्लेखनीय है कि छह नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान फायरिंग, आगजनी और पथराव हुआ था। इसमें प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह ने विधायक व पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, एमएलसी बृजेश सिंह, पूर्व सांसद धनंजय समेत 150 लोगों पर केस दर्ज कराया था। पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई के भाई व हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय यादव ने कहा है कि मियांपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने धमकी दी है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर करेंगे। पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ संत और निष्पक्ष व्यक्ति हैं। मुझे उनकी निष्पक्षता पर विश्वास है। मैने मांग की है कि मामले की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। वह मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराएंगे। उन्होंने शुभचिंतकों व कार्यकर्ताओं से अपील है कि वे धैर्य बनाए रखें। किसी तरह का कोई आंदोलन करने की जरूरत नहीं हैं।

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