बायोडीजल फैक्ट्री में लगी आग, 120 करोड़ से ज्यादा के नुकसान का अनुमान

 विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम शहर में एक भीषण हादसा हुआ है। शहर की एक बायोडीजल फैक्ट्री आग की चपेट में आ गई है। हालांकि इस दुर्घटना में अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं आई है। शहर के दुव्वाडा स्पेशल इकोनोमिक जोन में पड़ने वाली बायोमैक्स कंपनी में मंगलवार रात को अचानक आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि फायर ब्रिगेड की 40 गाड़ियां आग बुझाने के लिए लगाई गई। आग लगने के कारणों का अभी ठीक से पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार शाम 7.30 बजे जब आग लगी तब फैक्ट्री में 18 टैंकर थे जिनमें से 12 आग की चपेट में आ चुके हैं। कड़ी मेहनत के बाद फायर ब्रिगेड ने 4 टैंकरों में लगी आग पर काबू पा लिया है 8 टैंकर अभी भी प्रभावित हैं। दमकल कर्मियों का कहना है कि बुधवार सुबह तक भी कुछ टैंकरों से धुआं निकल रहा था। टैंकरों में भरे ज्वालनशील पदार्थ को पहले जलने दिया जाएगा। उसके बाद ही उसे बुझाने का काम किया जा सकता है। वहीं वहां मौजूद लोगों का कहना है आग की वजह से छह टैंकरों में धमाका हुआ था। जब आग लगी उस समय फैक्ट्री में 15 लोग काम कर रहे थे सभी के सभी समय रहते फैक्ट्री से बाहर निकलने में कामयाब रहे। अनुमान है कि इस आग से करीब 120 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि दमकल विभाग के सतर्कता की वजह से छह टैंकों का नुकसान होने से बचा लिया गया है। नौसेना के क्षेत्र के कमांडर रवींद्र ने कहा कि हमने आठ दमकल की गाड़ियों को भेजा है।

येचुरी ने संभाली माकपा की कमान

विशाखापत्तनम। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने रविवार को सीताराम येचुरी को अपना नया महासचिव चुन लिया। विशाखापट्टनम में सीपीएम के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीपीएम की ओर प्रकाश करात ने इस चुनाव का एलान करते हुए कहा, 'पार्टी ने सर्वसम्मति से सीताराम येचुरी को नया महासचिव चुना है।'प्रकाश करात पार्टी के महासचिव के रूप में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। इस पद के लिए केरल के वरिष्ठ सीपीएम नेता एस. रामचंद्रन पिल्लई भी प्रबल दावेदार थे, लेकिन अंत में पार्टी के प्रतिनिधियों ने सीताराम येचुरी पर भरोसा जताया। इसके पीछे पार्टी का युवा नेतृत्व का तर्क है। कहा जा रहा है कि महासचिव बनाए जाने के लिए सीताराम को पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा यूनिट के अलावा कई हिंदीभाषी राज्यों की सीपीएम यूनिट का समर्थन मिला है। येचुरी केरल यूनिट से भी कुछ हद तक समर्थन लेने में सफल रहे हैं। सीपीएम में महासचिव के चुनाव के लिए 749 पार्टी डेलीगेट्स का गुप्त मतदान होता है जिसमें से करीब साढ़े तीन सौ डेलीगेट्स अकेले केरल हैं। लेकिन इस चुनाव से साफ है कि येचुरी केरल के डेलीगेट्स में सेंध लगाने में सफल रहे हैं। माकपा में महासचिव का पद शीर्ष होता है। पिछले चुनावों में पार्टी के हार के कारणों और कामरेड करात की नीतियों पर येचुरी सवाल उठाते रहे हैं। फिर येचुरी का सिर्फ 63 साल का होना, हिन्दी भाषा की अच्छी जानकारी होना और लंबे समय से संसदीय राजनीति में सक्रिय होना भी उनके काम आया।

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