आदित्य हत्याकांड : मनोरमा की जमानत याचिका पर अब 19 को सुनवाई

गया: बिहार के गया में आदित्य सचदेव मर्डर केस में रॉकी यादव के चचेरे भाई टेनी यादव ने आज गया कोर्ट में सरेंडर कर दिया। टेनी को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जिस वक्त आदित्य की हत्या हुई थी, टेनी रॉकी के साथ था। इस मामले में रॉकी और उसकी मां के बॉडीगार्ड राकेश को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं रॉकी की मां मनोरमा देवी की अग्रिम ज़मानत की याचिका पर गया कोर्ट में 19 मई को सुनवाई होगी। मनोरमा देवी के घर में शराब मिलने के बाद उन्हें जेडीयू से निष्कासित कर दिया गया था और उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, तब से वह फरार हैं।रॉकी सड़क पर झगड़े में 20 वर्षीय एक युवक की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या का आरोपी है। इस घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद रॉकी यादव को मीडिया के सामने पेश किया गया, जहां उसने पत्रकारों से कहा, "मैंने किसी को गोली नहीं मारी... मैं दिल्ली में था, और इसलिए लौटा, क्योंकि मेरी मां ने मुझे बुलाया...।"बिहार के गया निवासी छात्र आदित्य सचदेवा की रोडरेज में हुई हत्या के मामले में दूसरे मुख्य आरोपी टेनी यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी लेकिन वह पुलिस के हत्‍थे नहीं चढ़ सका और सोमवार सुबह होते ही कोर्ट में पेश हो गया। हां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। टेनी यादव के सरेंडर को पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि पुलिस उसे गिरफ्तार करती तो उससे हत्या के कई राज जान सकती थी लेकिन कोर्ट के सामने पेश होकर उसने पुलिस के अरमानों पर पानी फेर दिया।  हालांकि माना ये भी जा रहा है कि पुलिस ने जानबूझकर उसे कोर्ट में सरेंडर करने का मौका दिया, जहां उसने जज के सामने वारदात में खुद के शामिल होने से ही इंकार कर दिया। उसने हत्या के बारे में कुछ भी जानकारी से इंकार किया है।  बता दें कि कुछ दिन पहले गया के कारोबारी श्याम सुंदर सचदेवा के बेटे आदित्य की रोडरेज के दौरान हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप जेडीयू एमएलसी मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव पर लगा था। रॉकी यादव की रेंजरोवर कार को आदित्य की स्विफ्ट कार ने ओवरटेक कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शहाबुद्दीन को नोटिस जारी कर पूछा- क्यों न जमानत रद्द की जाए

नई दिल्ली: बिहार के बाहुबली और RJD नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत याचिका रद्द करने की याचिका से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को नोटिस जारी कर पूछा- क्यों ना जमानत के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी जाए. इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार किया. कोर्ट ने कहा कि शहाबुद्दीन का पक्ष भी सुना जाएगा. हालांकि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि शहाबुद्दीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाए. वह कोई सामान्य अपराधी नहीं है, उसे जेल से बाहर नहीं रखा जा सकता है. बिहार में मारे गए तीन भाइयों के पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदाबाबू ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है. इसके बाद बिहार सरकार भी आननफानन में कोर्ट में पहुंच गई. शहाबुद्दीन को पिछले 7 सितंबर को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी.
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में दो भाइयों गिरीश और सतीश की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन को दिसंबर 2015 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. मामले में इकलौते गवाह मृतकों के भाई राजीव रोशन की भी 16 जून 2014 को हत्या कर दी गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पटना हाईकोर्ट का जमानत देने का आदेश कानून का मजाक उड़ाना है, क्योंकि हत्या के केस में अभी तक गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हुए हैं. साथ ही हाईकोर्ट ने इस तथ्य को भी अनदेखा कर दिया कि शहाबुद्दीन पर 13 मई 2016 को सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या का भी आरोप है. इसके अलावा 18 मई 2016 को सिवान जेल में छापे के दौरान उसके पास से 40 मोबाइल भी बरामद हुए थे.
वहीं प्रशांत भूषण ने चंदा बाबू की तरफ से याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि सीवान से चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन के खिलाफ 58 आपराधिक मामलें दर्ज हैं जिनमें आठ मामलों में उसे दोषी भी करार दिया गया है. साथ ही दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, इसके बावजूद शहाबुद्दीन को जेल से बाहर निकलने दिया गया. शहाबुद्दीन ने इन याचिकाओं पर कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनकी जमानत रद्द करता है तो वो जेल जाने को तैयार हैं. चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीन बेटों की हत्या के पीछे कथित तौर पर शहाबुद्दीन का हाथ बताया जा रहा है. सीवान प्रशासन ने भी बिहार सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शहाबुद्दीन के जेल से लौटने के बाद से सीवान में दहशत का माहौल है. 11 साल बाद बीते 7 सितम्बर को शहाबुद्दीन को जेल के बाहर आया था.

 

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