सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद शहाबुद्दीन को नोटिस जारी कर पूछा- क्यों न जमानत रद्द की जाए

नई दिल्ली: बिहार के बाहुबली और RJD नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत याचिका रद्द करने की याचिका से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को नोटिस जारी कर पूछा- क्यों ना जमानत के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी जाए. इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इंकार किया. कोर्ट ने कहा कि शहाबुद्दीन का पक्ष भी सुना जाएगा. हालांकि बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि शहाबुद्दीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाए. वह कोई सामान्य अपराधी नहीं है, उसे जेल से बाहर नहीं रखा जा सकता है. बिहार में मारे गए तीन भाइयों के पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदाबाबू ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है. इसके बाद बिहार सरकार भी आननफानन में कोर्ट में पहुंच गई. शहाबुद्दीन को पिछले 7 सितंबर को पटना हाईकोर्ट ने जमानत दी थी.
गौरतलब है कि वर्ष 2004 में दो भाइयों गिरीश और सतीश की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन को दिसंबर 2015 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. मामले में इकलौते गवाह मृतकों के भाई राजीव रोशन की भी 16 जून 2014 को हत्या कर दी गई थी. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पटना हाईकोर्ट का जमानत देने का आदेश कानून का मजाक उड़ाना है, क्योंकि हत्या के केस में अभी तक गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हुए हैं. साथ ही हाईकोर्ट ने इस तथ्य को भी अनदेखा कर दिया कि शहाबुद्दीन पर 13 मई 2016 को सिवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या का भी आरोप है. इसके अलावा 18 मई 2016 को सिवान जेल में छापे के दौरान उसके पास से 40 मोबाइल भी बरामद हुए थे.
वहीं प्रशांत भूषण ने चंदा बाबू की तरफ से याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि सीवान से चार बार सांसद रहे शहाबुद्दीन के खिलाफ 58 आपराधिक मामलें दर्ज हैं जिनमें आठ मामलों में उसे दोषी भी करार दिया गया है. साथ ही दो मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, इसके बावजूद शहाबुद्दीन को जेल से बाहर निकलने दिया गया. शहाबुद्दीन ने इन याचिकाओं पर कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनकी जमानत रद्द करता है तो वो जेल जाने को तैयार हैं. चंद्रकेश्वर प्रसाद के तीन बेटों की हत्या के पीछे कथित तौर पर शहाबुद्दीन का हाथ बताया जा रहा है. सीवान प्रशासन ने भी बिहार सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शहाबुद्दीन के जेल से लौटने के बाद से सीवान में दहशत का माहौल है. 11 साल बाद बीते 7 सितम्बर को शहाबुद्दीन को जेल के बाहर आया था.

 

थम नहीं रहा पत्रकारों की हत्या का सिलसिला

पत्रकार हत्याकांड: हत्या के दिन सीवान में था शूटर 'विकास', कुख्यात 'चवन्नी' से जेल में गया था मिलने
सीवान : भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय हत्याकांड के बाद पत्रकार राजदेव हत्याकांड में भी उपेंद्र सिंह के मास्टरमाइंड के रूप में शामिल होने की कयास लगा रही पुलिस को हर दिन नये सुराग हाथ लग रहे हैं. पत्रकार राजदेव की हत्या के एक दिन पूर्व से लेकर एक दिन बाद तक कुख्यात शूटर विकास कुमार सिंह भी जिले में ही रहा था. भाजपा नेता श्रीकांत हत्याकांड में शामिल रहे तीन शूटरों में से विकास भी एक है. ऐसे में राजदेव की हत्या से भी विकास के तार जुड़े होने की संभावनाओं को आधार बना कर पुलिस घटना की जांच कर रही है.
वरिष्ठ पत्रकार राजदेव रंजन की 13 मई की शाम अपराधी रेलवे स्टेशन रोड पर गोली मार कर हत्या कर देते हैं. उधर, सुपारी किलर विकास कुमार सिंह उस दिन जिले में ही रहता है. भाजपा नेता श्रीकांत हत्याकांड में शामिल रहे तीन सुपारी किलर चवन्नी सिंह उर्फ अमित कुमार सिंह उर्फ मोनू ,शैलेंद्र कुमार सिंह उर्फ शैलेंद्र यादव के साथ ही विकास कुमार सिंह का पुलिस आरोपित करती है. इसमें से तीनों की गिरफ्तारी के बाद विकास व शैलेंद्र जमानत पर जेल से बाहर हैं. वहीं, चवन्नी सिंह सीवान जेल में बंद है.
पुलिस का कहना है कि विकास अपने साथी चवन्नी से मिलने यहां मंडल कारा पर 12 मई को आया था. इसके बाद वह 14 मई तक रहा. इस बीच 13 मई को पत्रकार राजदेव की हत्या हो जाती है. ऐसे में पुलिस पत्रकार हत्याकांड के साथ विकास के कनेक्शन की जांच कर रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि तीन दिन के दौरान विकास आंदर थाने के नरेंद्रपुर गांव में रहा था. हालांकि नरेंद्रपुर में किसके घर रुका था, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है. नरेंद्रपुर गांव का ही पुष्पेंद्र कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह रहनेवाला है. उसे पुलिस पत्रकार हत्याकांड में संदिग्ध उपेंद्र सिंह का करीबी बता रही है.
पुलिस ने तेज की विकास की तलाश : पड़ोसी राज्य यूपी के बलिया के उभांव थाने के मूल निवासी व गोरखपुर में लंबे समय से अपना ठिकाना बना कर रह रहे विकास कुमार सिंह की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है. संभावनाओं के आधार पर पुलिस के लिए विकास अब अहम सुराग दिख रहा है. उसकी गिरफ्तारी को लेकर टीम उसके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के लिए निकल पड़ी है. एसपी सौरभ कुमार साह इस मामले में फिलहाल कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं. श्री साह ने कहा कि पत्रकार हत्याकांड को लेकर पुलिस सभी संदिग्धों के बारे में छानबीन कर रही है.

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