शिवसैनिकों ने जबरन बंद करवाया केएफसी, चिकन खा रहे लोगों को भगाया

यूपी के बाहर भी योगी इफेक्ट, गुरुग्राम में शिवसेना ने बंद कराई मीट की 300 दुकानें गुरुग्राम। उत्तर प्रदेश में बूचड़खानों पर योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्रवाई के बीच अन्य राज्यों में भी मीट की दुकानें निशाने पर हैं। हरियाणा के गुरुग्राम में शिवसेना ने जबरन मीट और चिकन की 500 दुकानों को बंद करा दिया है। इनमें मल्टीनेशनल फूड चेन केएफसी भी शामिल है। गुड़गांव में करीब दो सौ शिवसैनिकों ने मीट की दुकानों पर धावा बोल दिया और नवरात्र तक सभी दुकानों को बंद करा दिया है। साथ ही शिवसैनिकों ने मीट दुकानदारों को हर मंगलवार को भी दुकान बंद रखने की चेतावनी दी है। शिवसेना ने केएफसी की एक दुकान में घुसकर वहां चिकन खाने आए लोगों को दुकान से बाहर निकाल दिया और दुकान बंद करा दी। शिवसेना ने दावा किया है कि उसे इस कार्रवाई में स्थानीय लोगों का समर्थन हासिल है और उन्हीं लोगों ने नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद किए जाने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश में अवैध मीट की दुकानों और बूचड़खानों को बंद कराने वाली राह पर झारखंड के बाद अब भाजपा शासित चार अन्‍य राज्‍य भी चल पड़े हैं। मंगलवार को राजस्‍थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्‍यप्रदेश में भी अवैध तौर पर चलाए जा रहे बूचड़खाने व मीट की दुकानों पर प्रशासन ने हमला बोलते हुए बंद करा दिया। हरिद्वार में तीन, रायपुर में 11 और इंदौर में एक मीट की दुकानों को सील कर दिया गया है। जयपुर में नगर निगम ने ऐसी दुकानों व बूचड़खानों पर अप्रैल से कार्रवाई करने की घोषणा कर दी है। यहां की करीब 4,000 अवैध दुकानों को बंद किया जा सकता है। मीट विक्रेताओं ने दावा किया कि इनमें से 950 दुकानें वैध है, लेकिन कॉर्पोरेशन ने पिछले वर्ष 31 मार्च के बाद इनके लाइसेंस को रिन्‍यू नहीं किया। जयपुर नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि लाइसेंस को रिन्‍यू नहीं किया जा सकता है, क्‍योंकि नगर निगम ने 10 रुपए की लाइसेंस फी को बढ़ाकर 1000 रुपए करने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसके लिए अब तक गैजेट नोटिफिकेशन नहीं जारी किया गया है। न्‍यू जयपुर मीट असोसिएशन के अध्‍यक्ष अब्‍दुल राकुफ खुर्शी ने कहा, 'इसमें हमारी कोई गलती नहीं क्‍योंकि लाइसेंस के रिन्‍यूअल के लिए हमने आवेदन कर दिया था। हमारे आवेदन को स्‍वीकार नहीं किया गया। हम जयपुर नगर निगम के इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध करेंगे। नगर निगम के सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में अवैध मीट की दुकानों व बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन दुकानों के पास पहले लाइसेंस थे उनपर कार्रवाई नहीं होगी। पर कानून के अनुसार काम नहीं किए जाने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।' हरिद्वार में प्रशासन द्वारा की गयी छापेमारी में पता चला कि 6 में से मात्र तीन दुकानों के पास वैध लाइसेंस था। बाकि के तीन दुकानें अवैध तरीके से चलाई जा रही थीं। हरिद्वार के एसएसपी कृष्‍ण कुमार वीके ने अंग्रेजी अखबार टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया, 'नवरात्र को देखते हुए एक लोक प्रतिनिधि की ओर से आई शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गयी। वैसे मीट की दुकानें जो बगैर लाइसेंस चलाई जा रही हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जिनके पास वैध कागजात हैं उन्‍हें परेशान नहीं किया जाएगा।'

पुलिस को मिली हार्ड डिस्क, खोलेगी राम रहीम के सारे राज, 45 लोगों को नोटिस

पंचकूला ,हरियाणा पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तारी के बाद गुरमीत राम रहीम की राजदार हनीप्रीत से लगातार सवाल कर रही है. इसी सिलसिले के तहत हरियाणा और पंजाब पुलिस गुरुवार को उसे और सुखदीप को लेकर बठिंडा की नई बस्ती की गली नंबर 5 के उस मकान में पहुंची, जहां पर हनीप्रीत को रखा गया था. वहीं शुक्रवार को पुलिस हनीप्रीत को सिरसा डेरे पूछताछ के लिए ले जा सकती है. वहीं हरियाणा पुलिस का कहना है कि हनीप्रीत पूछताछ में कोई सहयोग नहीं कर रही है. अगर वह ऐसा ही करती रही तो वे कोर्ट से उसकी रिमांड बढ़ाने के लिए अपील करेंगे और ज़रूरत पड़ी तो उसका नार्को टेस्ट भी कराएंगे. वहीं हरियाणा पुलिस को एक हार्ड डिस्क मिली है, जिसमें गुरमीत राम रहीम की 700 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी और हवाला कारोबार की पूरी डिटेल है. ये हार्ड डिस्क एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) को सौंपी जाएगी. डेरा सच्चा सौदा के अलग-अलग इलाकों में रेड के दौरान ये हार्ड डिस्क बरामद की गई है और इस हार्ड डिस्क को जलाकर डैमेज करने की कोशिश भी की गई थी. इसके बावजूद पुलिस ने हार्ड डिस्क को रिकवर कर लिया है. इससे डाटा निकालने में भी सफलता हासिल कर ली है. इस हार्ड डिस्क में ये पूरी डिटेल है कि डेरा सच्चा सौदा की ओर से किसे कितनी रकम दी गई और कितने रुपए कहां पर इन्वेस्ट किए गए. वहीं गुरुवार को हनीप्रीत और सुखदीप को लेकर पुलिस भवानीगढ थाने में पहुंची. हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की टीम ने उससे 40 सवाल किए. इनमें से 13 सवालों पर तो हनीप्रीत चुप रही जबकि ज्यादातर का जवाब गोलमोल मिला. 3 अक्टूबर को हनीप्रीत की गिरफ्तारी के बाद से ही आईजी ममता सिंह, पंचकूला के पुलिस कमिश्नर एएस चावला, डीसीपी मनबीर सिंह और दूसरे पुलिस अधिकारियों उससे पूछताछ कर रहे हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर एएस चावला का कहना है कि हनीप्रीत से पूछताछ हो रही है. जरूरत के हिसाब से हम उसे हर जगह ले जाएंगे. हमें हनीप्रीत की 6 दिन की रिमांड मिली है. अभी तक के पूछताछ में हनीप्रीत बहुत कुछ नहीं बताया है. हालांकि उसने यह जरूर कबूला है कि वह WhatsApp कॉल से वह डेरे के कई लोगों से संपर्क में थी. इस बीच फरार चल रहे प्रवक्ता आदित्य इंसां और पवन इंसां से भी उसका संपर्क हुआ है. साथ ही कहा कि वह देशद्रोही नहीं है, बल्कि उसे खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपने ठिकाने बदलने पड़े.

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