डीएम को पत्र भेजकर पानी की निकासी की मांग

कांधला। खंड विकास क्षेत्र के गांव चढ़ाव में तालाब से पानी की निकासी न होने के ग्रामीणों के घरों में पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों ने खंड विकास के खिलाफ गांव में जमकर हंगामा प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी शामली को पत्र भेजकर पानी निकासी कराएं जाने की मांग की है। खंड विकास क्षेत्र के गांव चढ़ाव में सात बीघा का एक तालाब स्थित है। तालाब का पानी निकालने के लिए खंड विकास के द्वारा एक नाला प्रस्तावित किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार जिन लोगों की जमीन में से नाला होकर गुजरता है। उक्त लोगों को सरकार के द्वारा मुआवजा भी दे दिया गया है। आरोप है कि मुआवजा मिलने के बाद भी उक्त लोग नाले का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। जिसके चलते तालाब पानी से लबालब भर गया है। तालाब का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया है। जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना प़ड रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि खंड विकास के अधिकारियों को कई बार मामले की शिकायत की गई, लेकिन विभाग का कोई भी अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बुधवार को ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान लाला के नेतृत्व में खंड विकास के खिलाफ गांव में हीं जमकर हंगामा प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी शामली सुजीत कुमार को पत्र भेजकर पानी निकासी कराने के साथ हीं नाला निर्माण कराएं जाने की मांग की है।
इस दौरान ब्रहमसिंह, प्रकाश, तेजपाल, पितांबर, वेदपाल, पप्पू, नवाब, रामधन, सतपाल सहित दर्जनों ग्रामीण आदि मौजूद रहे।

हरियाणा में बिरयानी की दुकानों से लिए जाएंगे सैंपल, गोमांस मिला तो होगी कार्रवाई

मेवात: उत्तरप्रदेश के बाद अब हरियाणा के मेवात में भी बिरयानी की दुकानों में बीफ बेचने की आशंका जताई जा रही है। जी हां, मनोहरलाल खट्टर सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो बड़े विवाद की वजह बन सकता है। सरकार ने प्रदेश के सबसे बड़े मुस्‍लिम बहुल क्षेत्र मेवात में बिकने वाली बिरयानी की जांच करवाने का निर्णय लिया है कि कहीं उसमें गोमांस तो नहीं बेचा जा रहा। यानी सरकार मेवात में बिरयानी की हर दुकान में जाकर जांचेगी कि उसमें बीफ तो नहीं मिलाया गया है। अगर ऐसा पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।  आपको बता दें, ये निर्णय मंगलवार को मेवात में हरियाणा गोसेवा आयोग के अध्‍यक्ष भानीराम मंगला ने लिया। इस मौके पर काउ प्रोटक्‍शन टास्‍क फोर्स की इंचार्ज और वरिष्‍ठ आईपीएस अधिकारी भारती अरोड़ा भी मौजूद रहीं। उन्‍होंने बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों से कहा है जिन-जिन गांवों में बिरयानी बिक रही है वहां से तुरंत सैंपल उठाना शुरू कर दें। सैंपल से पता चलेगा कि बिरयानी में किस पशु का मांस बेचा जा रहा है। इस फैसले पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में परिवहन मंत्री रहे मेवात के कांग्रेसी नेता आफताब अहमद कहते हैं कि बीजेपी सरकार मुस्‍लिम कम्‍युनिटी को बदनाम करने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। वह मेवात में आरएसएस का एजेंडा थोप रही है, जिसका कांग्रेस विरोध करेगी। गौरतलब है कि मेवात गोहत्‍या को लेकर खासा बदनाम रहा है। इसलिए यहां गोतस्‍करों और गोरक्षकों में भिड़ंत होती रहती है। पिछले दिनों गुड़गांव के पास कुछ गोतस्‍करों को पकड़कर उन्‍हें जबरन गोबर खिलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था।

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