पंचतत्व में विलीन हुए गजेंद्र सिंह, गांव में पसरा मातम

दौसा। आम आदमी पार्टी की रैली में बुधवार को खुदकुशी करने वाले किसान गजेंद्र का अंतिम संस्कार राजस्थान के दौसा में उसके गांव नांगल झमरवाड़ा में हुआ। इस मामले पर लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि एक किसान की आत्महत्या दुखद है लेकिन इस मामले पर राजनीति ना हो। इससे पहले राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, अशोक गहलोत और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मृत किसान गजेंद्र के घर पहुंचे और अपनी शोक संवेदनाएं जताईं। वहीं गजेंद्र सिंह के गांव पहुंचे राजस्थान सरकार के समाज कल्याण मंत्री अरुण चतुर्वेदी का लोगों ने घेराव किया। गजेंद्र की खुदखुशी के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। गजेंद्र के अंतिम संस्कार के समय ''गजेंद्र का बलिदान, याद करेगा हिंदुस्तान, जय जवान-जय किसान'' के नारे भी लगाए गए। गजेंद्र की मौत के बाद हरियाणा के रेवाड़ी के कुण्डल गांव में भी शोक का माहौल है। यहां गजेंद्र की बहन का ससुराल है। जब गजेंद्र यहां आता था तब पगड़ी बंधवाने वालों में होड़ लगी रहती थी। कुण्डल गांव के लोगों ने कहा कि गजेंद्र बेबाकी से बात कहने वाला दबंग किसान था। वहीं गजेंद्र के बहनोई दिनेश चौहान ने कहा कि एक बार सिर्फ पगड़ियां बांधने फ्लाइट से लखनऊ गया था। उस समय वह समाजवादी पार्टी से जुड़ा था, हमें नहीं पता कि उसने कब और कैसे आप की झाड़ू थाम ली। गजेंद्र की अंतिम यात्रा में पहुंचे राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह ताबाही कोई मामूली तबाही नहीं है। हमने पहले भी आगाह किया था राज्य सरकार को, अभी तक राज्य सरकार की समझ में बात नहीं आ रही है। सचिन पायलट ने कहा कि यह सिस्टम की विफलता की वजह हुआ है, हम हर संभव मदद करेंगे। गजेंद्र के परिजनों ने मौत के लिए आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उसे खुदकुशी के लिए उकसाया गया होगा। पड़ोसियों का कहना है कि गजेंद्र की मौत की खबर सुनते ही उनके वृद्ध पिता बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े थे। परिजनों के बयान को गंभीरता से लेते हुए खुदकुशी मामले की पड़ताल के लिए क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली से राजस्थान के दौसा पहुंच गई है। पुलिस इस बात का पता लगाएगी कि आखिर किन परिस्थतियों में किसान गजेंद्र ने खुदकुशी की। बताया जा रहा है कि पुलिस गजेंद्र सिंह के फोन कॉल्स की भी जांच करेगी। मालूम हो कि बुधवार को आत्महत्या करने से पहले एक तथाकथित सुसाइड नोट में गजेंद्र ने लिखा था कि पिछले महीने बेमौसम बारिश और ओला-वृष्टि के कारण उसकी फसल बर्बाद हो गई। लेकिन स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बसावा तहसील में जिसमें गजेंद्र का भी गांव आता है, फसल की बर्बादी 20-25 प्रतिशत के बीच ही है। किसान की आत्महत्या के बाद उसके चाचा जयवीर सिंह ने बताया कि गजेंद्र दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के संपर्क में था और रैली से पहले सुबह 11 बजे वह मनीष सिसोदिया के घर उनसे मिलने भी गया था। उन्होंने बताया कि फसल बर्बाद हो गई थी और किसी ने सही रिपोर्ट नहीं दी थी। वह यही बात उठाने दिल्ली गया था। गजेंद्र के चचेरे भाई राजेंद्र सिंह ने कहा, 'बिजली के खंभे पर चढ़कर बिजली के तार काटे जा सकते हैं, लेकिन पेड़ पर चढ़कर उसे बचाया नहीं जा सकता था। अगर किसी बड़े नेता के घर का कोई मरता, तो क्या रैली वैसे ही चल रही होती? वहां बैठकर उसे उकसाया गया है, तब उसने जान दी है।' गजेंद्र के अन्य रिश्तेदार गिरधारी सिंह ने बताया कि हमें टीवी पर देखने के बाद पता चला कि गजेंद्र ने आत्महत्या की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि वहां कोई जंगल थोड़े ना था जहां रैली हो रही थी, वहां कोई आदमी उसे बचाने वाला नहीं था? गजेंद्र के रिश्तेदारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी की तरफ से अभी कोई मैसेज नहीं आया है, जब रैली में उसे किसी ने नहीं बचाया तो वो फोन क्या करेंगे। एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि उम्मीद लेकर गये थे कि हमारा भला हो। पर्ची इसलिए दी थी कि बोलना है, लेकिन उसे बोलने का मौका नहीं मिला।

रामदेव ने ठुकराया कैबिनेट मंत्री का प्रपोजल

हरियाणा। बाबा रामदेव ने कैबिनेट मंत्री बनने के प्रपोजल को ठुकरा दिया है। हरियाणा सरकार द्वारा की गई पेशकश को उन्होंने ठोकर मार दी है। उन्होंने पद ठुकराते हुए कहा है कि उन्हें पद की आकांक्षी नहीं हैं और वह बाबा ही रहना चाहते हैं। दिल्ली से करीब 60 किलोमीटर दूर राई में उनको सम्मानित करने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में रामदेव ने यह घोषणा की। खबरे यह भी हैं कि विपक्ष के विरोध के चलते यह हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि रामदेव को खुश करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। रामदेव ने कहा, इस सम्मान से मुझे नवाजने के लिए मैं आपको (हरियाणा सरकार) हदय से धन्यवाद देता हूं, लेकिन मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि मैं बाबा और एक फकीर के तौर पर आपकी सेवा करना चाहता हूं। आपने जो दिया, मैं इसके लिए आपका शुक्रगुजार हूं लेकिन बेहद सम्मान के साथ मैं इसे वापस आपको लौटाना चाहता हूं। बहरहाल, योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए वह राज्य के ब्रांड एंबेसडर बने रहेंगे। विपक्षी कांग्रेस ने रामदेव को ब्रांड एंबेसडर बनाने और इसके बाद उन्हें कैबिनेट दर्जा दिए जाने के कदम का विरोध किया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उनके मंत्री राम विलास शर्मा, अनिल विज, कविता जैन समेत अन्य उपस्थित थे। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए रामदेव ने कहा, मैं मुख्यमंत्री खट्टर और हरियाणा के पूरे कैबिनेट का शुक्रगुजार हूं और बताना चाहता हूं कि (हरियाणा) चुनावों के पहले कई लोगों ने कहा था कि बाबा के पास कई सांसद हैं। रामदेव ने कहा, चुनावों के बाद उन्होंने कहा कि बाबा के पास कई मंत्री हैं, कितने मंत्री हैं, सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री हैं, इसकी बजाए महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि नरेंद्र मोदी बाबा के भी प्रधानमंत्री हैं, वह देश के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए वह हमारे प्रधानमंत्री हैं। रामदेव ने कहा कि राष्ट्रधर्म के तौर पर मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनाने के लिए उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से काम किया था। उन्होंने कहा कि अब हमारे प्रधानमंत्री हैं, पूरा कैबिनेट हमारा है, हरियाणा के मुख्यमंत्री हमारे हैं और उनका कैबिनेट हमारा है, इसलिए बाबा को बाबा रहने दीजिए, मैं इसी तरह (बाबा रहकर) आपकी सेवा करना चाहता हूं।

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