इस आईएएस ने भू-माफिया पर कसा शिकंजा, सरकार के नाम होगी 1100 करोड़ की जमीन

सोलनहिमाचल के सोलन जिले में गैर कृषकों को हस्तांतरित की गई सैकड़ों बीघा जमीन का खुलासा हुआ है। जिला समहर्ता सोलन ने ऐसे 99 मामलों में करीब 1900 बीघा जमीन प्रदेश सरकार को निहित करने के निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त राकेश कंवर ने बताया कि भू-माफिया के विरुद्ध लिए गए निर्णय एवं राज्य में बेनामी सौदों तथा अन्य अवैध तरीकों से भूमि हथियाने के मामलों को रोकने की मुहिम रंग ला रही है। सोलन में अप्रैल 2017 से 5 जनवरी 2018 के मध्य 1100 करोड़ की भूमि प्रदेश सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी गैर कृषक व्यक्ति को कृषि योग्य भूमि हस्तांतरित नहीं की जा सकती है। इस भूमि का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 1100 करोड़ है।जिला समाहर्ता की ओर से राज्य बनाम अशोक सेठी मामले में 111.15 बीघा, राज्य बनाम मैसर्ज ओप्टिमा कंस्ट्रक्शन मामले में 108.16 बीघा, राज्य बनाम देवी चंद मामले में 195.03 बीघा, राज्य बनाम कराना इंफ्रकोन प्राइवेट लिमिटेड मामले में 138.12 बीघा, राज्य बनाम बृज अग्रवाल मामले में 103 बीघा, राज्य बनाम नोबल हाउस क्रिएशंस मामले में 150 बीघा, राज्य बनाम श्रेयांस पेपर मिल्स मामले में 103.19 बीघा, राज्य बनाम मैसर्ज हिमलैंड रियल एस्टेट मामले में 151.05 बीघा भूमि सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए गए हैं। अन्य विभिन्न मामलों में भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर भूमि सरकार में निहित की गई है।

हिमाचल: सीएम के लिए बिगड़े हालात, नारेबाजी जारी, शांता बोले- पार्टी से निकाल दूंगा

चंडीगढ़ भाजपा हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में स्‍पष्‍ट बहुमत हासिल करने के बाद अब नई परेशानियों से जूझ रही है। मुख्‍यमंत्री के चयन को लेकर उठा-पटक के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर शिमला पहुंचे। कोर कमेटी की बैठक में मुख्‍यमंत्री के नाम पर विचार किया जा रहा है। वहीं, शुक्रवार को बैठक स्थल के बाहर प्रेम कुमार धूमल समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। धूमल के समर्थक उन्‍हें मुख्‍यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, जबकि भाजपा के अन्‍य कार्यकर्ता जीते उम्‍मीदवारों में से ही किसी एक को सीएम बनाने के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी का नाम लेकर नारेबाजी कर रहे थे। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले ही धूमल को मुख्‍यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया था। धूमल चुनाव में हार गए, लेकिन उनके समर्थक लगातार उन्‍हें सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद सीएम फेस के तौर पर भजपा सांसद अनुराग ठाकुर का नाम भी सामने आ चुका है। ऐसे में धूमल समर्थक को लगता है कि वह मुख्‍यमंत्री नहीं बन सकेंगे। इसका समाधान निकालने के लिए शीर्ष नेतृत्‍व ने सीतारमण और नरेंद्र तोमर को बतौर पर्यवेक्षक हिमाचल प्रदेश भेजा है। कोर कमेटी के सम्‍मेलन स्‍थल पर उस समय विचित्र स्थिति पैदा हो गई जब एक गुट धूमल के समर्थन में और दूसरा चुने गए विधायकों में से किसी को मुख्‍यमंत्री बनाने को लेकर नारेबाजी करने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की नारेबाजी करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्‍यमंत्री बनाने में किसी तरह की लॉबिंग नहीं होनी चाहिए और विधायकों में से किसी एक को हिमाचल प्रदेश की कमान दी जानी चाहिए। धूमल के हारने से सामने आई गुटबाजी: धूमल के चुनाव हारने के बाद उनके एक समर्थक विधायक ने अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की थी। हिमाचल प्रदेश में विधानपरिषद नहीं होने के कारण धूमल को इस रास्‍ते से भी सदन में नहीं भेजा जा सकता है। ऐसे में उनके मुख्‍यमंत्री बनने पर संशय के बादल हैं। विधानसभा चुनाव से पहले भी भाजपा में गुटबाजी शुरू हो गई थी, लेकिन पार्टी ने धूमल को मुख्‍यमंत्री का चेहरा घोषित कर इस विवाद को खत्‍म कर दिया था। उनके चुनाव हारने के बाद एक बार फिर से गुटबाजी की बात सामने आ गई है। शांता कुमार ने जताई कड़ी नाराजगी: सम्‍मेलन स्‍थल के बाहर नारेबाजी पर भाजपा के वरिष्‍ठ नेता शांता कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्‍होंने कहा, ‘पर्यवेक्षक दिल्‍ली से आए हैं। मुख्‍यमंत्री पर जल्‍द ही फैसला ले लिया जाएगा। किसी के पक्ष में नारेबाजी करना गलत बात है। यदि मैं पार्टी अध्‍यक्ष होता तो ऐसे कार्यकर्ताओं को निष्‍कासित कर देता।’

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