राज्यपाल या कोई और पद लेने की बात पर प्रेम कुमार धूमल ने दिया ये बयान

शिमला बीजेपी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने राज्यपाल या कोई अन्य पद लेने की बात को आधारहीन बताया है। धूमल ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि कुछ लोग हर रोज कोई न कोई भ्रामक व तथ्यहीन प्रचार करने में जुटे हुए हैं। कभी मुझे राज्यपाल बनाकर तो कभी कुछ और पद देने जैसा प्रचार विभिन्न माध्यमों से करते रहते हैं। धूमल ने यह भी कहा है कि कुछ पार्टी विचाराधारा के कट्टर विरोधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी एक पवित्र संस्था को चुनावों में मेरे खिलाफ काम करने जैसा दुष्प्रचार करने में जुटे हुए हैं जो पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है। कहा कि मुझे गर्व है कि उन्हें हमेशा संघ का आशीर्वाद तथा सहयोग मिला है। यही नहीं कहा कि वह भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता भी रहे हैं। धूमल ने कहा कि मुझे पार्टी ने बहुत कुछ दिया है आज जो भी मानसम्मान उनके पास है वह सब पार्टी का दिया हुआ है। आग्रह किया कि कृपया किसी भी तरह की भ्रामक बातें न फैलाए जिससे कार्यकर्ताओं, पार्टी समर्थकों व आमजनों में गलत संदेश जाए। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को राज्यपाल आचार्य देवव्रत से राजभवन में मुलाकात की। यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। इस मौके पर राज्यपाल ने आग्रह किया कि सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर प्रदेश हित में कार्य करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी और विपक्ष के उपयुक्त सुझावों को सत्तापक्ष भी नीति निर्धारण में स्थान देगा। इसके अलावा राज्यपाल से मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने भी मुलाकात की। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद मुकेश अग्निहोत्री से शनिवार को प्रदेश सरकार के संसदीय मामले मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मुलाकात की। दोनों ने इस दौरान आने वाले समय में विधानसभा में सकारात्मक चर्चा होने की उम्मीद जताई।

सीबीआई के निशाने पर एक और आईजी, आय से करीब 150 गुना ज्यादा संपत्ति

शिमला बहुचर्चित गुड़िया प्रकरण से जुड़े सूरज हत्याकांड में आईजी जहूर जैदी के जेल जाने के बाद हिमाचल कैडर के एक और आईजी रैंक के अधिकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निशाने पर आ गए हैं। सीबीआई की एक टीम उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में मिली शिकायत पर जांच कर रही है। अभी तक की जांच में आईजी की आय से करीब डेढ़ सौ गुना ज्यादा संपत्ति होने की बात सामने आई है। जांच शुरू होने के बाद से आईजी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। सूत्रों की मानें तो जांच अंतिम दौर में है और जल्द ही सीबीआई मामले में आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। जांच में कहा गया कि साल 2009 से 2014 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने अपने परिवार, रिश्तेदार व परिचितों के नाम से दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव के अलावा हिमाचल के कई अलग अलग हिस्सों में काफी संपत्ति खरीदी है। इनमें चंबा के अलावा सोलन और शिमला के बाहरी इलाकों में कई संपत्तियां शामिल हैं। गंभीर आरोपों वाली शिकायत पर सीबीआई ने जांच शुरू की तो कुछ आरोप सही निकले। इसके बाद सीबीआई ने हाल ही में प्रदेश सरकार व प्रदेश पुलिस से उनकी नियुक्ति व वेतन संबंधी जानकारी मांगी। सूत्रों की मानें तो आईजी के वेतन और संपत्तियों के मिलान में आय से अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। इस बीच जांच शुरू होते ही आईजी ने लंबी छुट्टी लेकर दिल्ली में डटे हुए हैं। हालांकि, सीबीआई की जांच अब भी जारी है और इस महीने के अंत तक मामले में एफआईआर दर्ज होने की संभावना है।

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