वीरभद्र जी तो जमानत पर हैं, कांग्रेस को पता है हिमाचल में वो हारेगी: मोदी

कांगड़ा में पीएम मोदी ने कहा- कांग्रेस पार्टी विचारधारा नहीं, सड़ी हुई सोच का नमूना है हिमाचल चुनावः कांग्रेस के 'पांच राक्षस' जिस पर पीएम मोदी ने किया हमला नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने अाज हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। हिमाचल सरकार को अाड़े हाथ लेते हुए पीएम ने कहा कि सरकार ने 5 राक्षसों को पनपने का मौका दिया है। ये इतने ताकतवर हैं कि शिमला की सरकार इनके सामने नाचने को मजबूर है। पीएम ने पांचों राक्षसों का नाम गिनाते हुए कहा कि राज्य में पहला राक्षस खनन माफिया है, दूसरा वन माफिया, तीसरा ड्रग माफिया, चौथा टेंडर माफिया और पांचवा दानव ट्रांसफर माफिया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा हिमाचल के प्यारे भाइयों और बहनों आप 9 तारीख को अपनी पसंद की सरकार चुनने वाले हैं। जिन्होंने हिमाचल को लूटा है। 9 तारीख को उनकी विदाई करने का अवसर है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे लग रहा है कांग्रेस पार्टी लॉफिंग क्लब बन गई है। जमानत वाले मुख्यमंत्री मैनिफेस्टो में कह रहे थे कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस होगा। उन्होंने कहा कि अगर गलती हो जाए तो देश माफ कर देता है लेकिन अगर गलत इरादे से किया गया तो यह देश किसी को माफ नहीं करता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कहता है कि कश्मीर को आजादी दो, पाकिस्तान का समर्थन करने वाले अलगाववादी भी कहते हैं कश्मीर को आजाद करो। लेकिन हमारे जवान उनके खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं। लेकिन कांग्रेस के नेता कहते हैं कि कश्मीर की आजादी की मांग सही है। कांग्रेस का एक भी नेता उनकी आलोचना नहीं कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पहले कुछ ओर कहते थे अब हमें उपदेश देते हैं। हम जब कांग्रेस मुक्त भारत कहते हैं तो उन्हें याद दिला दें कि अब महात्मा गांधी वाली कांग्रेस नहीं रही है, ना ही आजादी के दीवानों वाली कांग्रेस नहीं रही है। हम भ्रष्टाचार वाली कांग्रेस से देश को मुक्त करना चाहते हैं।

हिमाचल में कांग्रेस को बड़ा झटका, इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे सीएम वीरभद्र

शिमला आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में बड़ा कोहराम मचने वाला है। वीरभद्र ने शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की मंशा विधायकों से जताई है। सूत्रों की माने तो बैठक में अवगत करवाया कि चुनाव नहीं लड़ने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी मुख्यमंत्री ने पत्र लिखा है। हाईकमान के चुनाव की कमान वीरभद्र सिंह को नहीं सौंपे जाने से इसे प्रेशर टैक्टिस के तौर पर माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ चुनावों में उतरने को वीरभद्र सिंह कतई तैयार नहीं है।विधानसभा सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में वीरभद्र सिंह ने सदस्यों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार वीरभद्र ने मंत्रियों विधायकों को अवगत करवाया कि मौजूदा परिस्थितियों में वे चुनाव नहीं लड़ सकते। सोनिया गांधी को अपने चुनाव नहीं लड़ने की मंशा से अवगत करवाने के वाले पत्र की जानकारी भी दी। प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। चुनाव नहीं लड़ने लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने की बात भी उन्होंने कही है। सूत्रों के मुताबिक सत्र समाप्त होने के बाद उन्होंने दोबारा विधायकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें कई मंत्री नहीं पहुंच पाए। इस बैठक में भी इसी मुद्दे पर चर्चा हुई है।हाईकमान के हिमाचल कांग्रेस का सुशील कुमार शिंदे को प्रभारी बनाए जाने के बाद वीरभद्र खेमे को झटका लगा है। खेमा टिकट आवंटन में वीरभद्र सिंह को कमान दिए जाने की पैरवी शिंदे से करता रहा है। लेकिन उन्होंने मामला हाईकमान पर डालकर टाल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की बात भी शिंदे टाल चुके हैं। हाईकमान के इस संकेत ने वीरभद्र की नाराजगी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री चाहते है कि चुनाव में प्रत्याशी का चयन उनके हिसाब से किया जाए।

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