तीन तलाकः सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर 'मंथन' करेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, भोपाल में शुरू हुई बैठक

भोपाल। तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले पर आज आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मध्य प्रदेश के भोपाल में बैठक कर रहा है। बैठक में हिस्सा लेने के लिए बोर्ड के सदस्य पहुंच चुके हैं। गौरतलब है कि तीन तलाक की संवैधानिक वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया था। पांच जजों की बेंच में 3-2 के बहुमत से इसके खिलाफ फैसला दिया गया था, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से तीन तलाक अवैध घोषित हो गया था। हालांकि चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने इस पर कानून बनाने के लिए संसद को छह माह का समय दिया था। उन्होंने अपना फैसला देते हुए कहा था कि फिलहाल इसे असंवैधानिक नहीं माना जा सकता, और इस पर फैसला लेने का हक केंद्र सरकार का है उसे ही इस पर कानून बनाना चाहिए। तत्कालीन चीफ जस्टिस ने छह माह के लिए तीन तलाक पर रोक भी लगा दी थी। हालांकि बाकी तीन जजों की राय जुदा होने और तीन तलाक के खिलाफ होने के कारण यह तत्काल रद्द हो गया था। भोपाल के इंद्रा प्रियदर्शिनी कॉलेज खानूगांव में जारी इस मीटिंग में शामिल होने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना रब्बे हाशमी नदवी, महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी, उपाध्यक्ष डॉ. सईद कलबा सादिक, उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम कासमी, सचिव जफरयाब जिलानी और सांसद असदुद्दीन ओवैसी समेत वर्किंग कमेटी के सभी 40 से ज्यादा सदस्य पहुंचे हैं। इस मीटिंग के एजेंडा में दो महत्वपूर्ण बिंदू सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक पर दिए गए फैसले और बाबरी मस्जिद शामिल हैं। एक दिन चलने वाली इस मीटिंग में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर दिए गए फैसले पर अपने पक्ष पर निर्णय लेगी। इससे पहले बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने इस मुद्दे पर जारी सियासत पर नाखुशी जताई और कहा कि रूलिंग पार्टी हिन्दू और मुसलमानों को लड़ाकर सियासी फायदा उठाना चाहती है। बैठक में तीन महिला मेम्बर भी शामिल हैं।

कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर साधा निशाना, कहा मध्य प्रदेश में हुआ 10 हजार करोड़ का घोटाला

भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी में कांग्रेस ने शनिवार को राज्य में व्याप्त 'घोटालों' के खिलाफ पैदल मार्च निकाला. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के भोपाल प्रवास पर पार्टी और सरकार ऐसा जश्न मना रही है, जैसे प्रदेश में 'राम राज्य' हो. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में 10 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है और इस पर पर्दा नहीं डाला जा सकता. कांग्रेस ने प्रदेश कार्यालय से प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला. यह मार्च रोशनपुरा में कांग्रेस के जिला कार्यालय पर समाप्त हुआ. इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री कहते हैं 'भ्रष्टाचार न करेंगे और न करने देंगे.' लेकिन मध्य प्रदेश में उनके इस संकल्प का उल्टा ही अर्थ है कि 'भ्रष्टाचार करेंगे और करने देंगे." नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में खूब घोटाले हुए हैं. व्यापम महाघोटाले ने मध्य प्रदेश को न केवल पूरे देश में, बल्कि दुनियाभर में बदनाम किया. प्रदेश की शिक्षा और रोजगार व्यवस्था को न केवल कलंकित किया, बल्कि लाखों मेधावी छात्र-छात्राओं एवं बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. शिवराज सिंह के इस कृत्य को प्रदेश कभी माफ नहीं करेगा. उन्होंने किसानों को भी धोखा दिया. सिर्फ होशंगाबाद जिले में ही किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में 125 करोड़ का घोटाला सामने आया है. कांग्रेस का आरोप है कि सहकारिता विभाग में भी किसानों के नाम पर 1,38,4.77 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ. निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली खरीदने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ. प्रदेश सरकार ने अपने संयंत्र में बिजली उत्पादन बंद किए हुए हैं. अगर सरकार स्वयं के संयंत्रों से बिजली का उत्पादन करती तो उसे 11 पैसे से 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदनी पड़ती, लेकिन इसी बिजली को सरकार ने निजी कंपनी से 89 रुपये से 32 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदा और एक साल में ही दो कंपनियों को 758 करोड़ रुपये का भुगतान किया. कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद किसानों के आक्रोश से घबराई सरकार ने समर्थन मूल्य पर प्याज और दलहन खरीदने का निर्णय लिया. लेकिन इससे किसानों को लाभ नहीं हुआ. दलालों और बिचौलिए ने मिलकर प्याज खरीदा और 750 करोड़ रुपये का घोटाला किया. दलहन खरीद में सिर्फ नरसिंहपुर जिले की एक मंडी में ही 17 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया. व्यापारियों ने बाजार मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर से प्रति क्विंटल 1,550 रुपये कमाए. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ आयकर विभाग ने पांच करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की रिपोर्ट दी, लेकिन यह रिपोर्ट दबा दी गई. आज तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के और प्रियपात्र बन गए. शुक्रवार को नरोत्तम मिश्रा के घर दोपहर भोज में भाजपा अध्यक्ष शाह गए थे. उस दौरान कथित तौर पर ग्वालियर के शराब व्यापारी राजू कुकरेजा भी मौजूद थे, जिनके खिलाफ 420 का मामला भी चला है.

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