माओवादी बिना शर्त हिंसा छोड़ दें तो सरकार बात को तैयार : राजनाथ

भुवनेश्वर : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि केन्द्र देश के पिछड़े और आदिवासी बहुल जिलों में समग्र विकास के लिए समन्वित कार्य योजना (आईएपी) को दुरूस्त करेगा तथा यदि माओवादी बिना शर्त हिंसा छोड़ दें तो उनसे सरकार बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ एक घंटे तक चली सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘हम पिछडे क्षेत्रों के विकास के लिए आईएपी को दुरूस्त कर रहे हैं। केन्द्र ने पास गरीबों के उत्थान के लिए कुछ योजनाएं भी हैं।’
एक दिन की ओडिशा यात्रा पर आये सिंह ने कहा कि सरकार आईएपी को दुरूस्त करेगी क्योंकि देश में सबसे गरीबों का उत्थान करना उसकी एक प्राथमिकता है। सिंह ने ओड़िशा में वाम चरमपंथ से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के बाद माओवाद प्रभावित इस जिले में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं माओवादियों से अपील करना चाहता हूं कि हिंसा का मार्ग छोड़ दें और मुख्यधारा में शामिल हो जाएं। यदि वे बिना किसी शर्त के हिंसा छोड़ देते हैं तो सरकार उनसे बातचीत करने को तैयार है।’ उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि माओवादियों को हथियार छोड़कर बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास योजनाएं शुरू की हैं तथा माओवादियों को हथियार छोड़कर इन कार्यक्रमों का लाभ उठाना चाहिए।

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