अटारी सीमा पर फहराया देश का सबसे ऊंचा तिरंगा

अमृतसर स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी के सराहनीय प्रयासों की बदौलत देश के सबसे ऊंचे 360 फुट की ऊंचाई में स्थानीय अटारी सीमा पर लगाए गए राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को फहराने की रस्म निश्चित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को अदा कर दी गई। हालांकि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा पहले से लहरा रहा था, लेकिन उसे पूरी ऊंचाई तक नहीं ले जाया गया था, लेकिन जोशी के वहां पहुंचने के पश्चात तिरंगे को निश्चित बताई गई ऊंचाई तक ले जाने की रस्म पूरी की गई। इस दौरान जोशी ने अपने छोटे बेटे अमित से बटन दबवा कर यह रस्म पूरी करवाई। इस दौरान जोशी ने कहा कि अटारी सीमा पर फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश का सबसे ऊंचा तिरंगा है, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान मिलना तय है, लेकिन इसे गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान दिलाने का प्रयास किया जाएगा, क्योंकि अटारी सीमा पर लगाया गया यह तिरंगा सारे देश में ही नहीं, बल्कि विश्व में सबसे ऊंचा माना जा रहा है। इस दौरान बी.एस.एफ. के जवानों ने संगीतमय धुन में राष्ट्रगान सुनाकर जहां सभी दर्शकों को राष्ट्रगान की धुन में मस्त कर दिया, वहीं जोशी ने बी.एस.एफ. के जवानों के साथ तिरंगे को सलामी भी दी। पत्रकारों से जोशी ने कहा कि उनका यह सपना था कि भारत-पाक सीमा अटारी पर देश का सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाना चाहिए, क्योंकि यहां पर देश के अलग-अलग हिस्सों से ही नहीं, बल्कि विश्व भर से अलग-अलग देशों से रोजाना हजारों की संख्या में लोग रिट्रीट सैरेमनी देखने आते हैं, इसलिए देश व विश्व का सबसे ऊंचा तिरंगा देख जहां देशवासियों व देश के जवानों का जज्बा बढ़ेगा, वहीं सीमा पार देश के दुश्मनों के हौसले भी पस्त होंगे। यही नहीं, इतना ऊंचा तिरंगा देखने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों में बढ़ौतरी होगी, जिससे राज्य व केंद्र सरकार की आय के स्रोत बढऩे के साथ-साथ टूरिज्म प्रफुल्लित होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, इसलिए उन्होंने जो यह सपना संजोया हुआ था, उनका यह सपना आज जाकर साकार हुआ है। आई.जी. बी.एस.एफ.डी.आई.जी. बी.एस.एफ. के पद से आई.जी. के पद पर प्रमोट होकर दिल्ली स्थानांतरित हुए बी.एस.एफ. के आई.जी. मुकुल गोयल भी इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर पहुंचे हुए थे, जिनसे की गई विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आई.सी.पी. अटारी में देश में सबसे ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाने की योजना उन्होंने ही तैयार की थी। इस संबंध में उन्होंने ही स्थानीय निकाय मंत्री पंजाब अनिल जोशी को सुझाव दिया था, जिन्होंने उनके इस सुझाव पर अपनी पूरी सहमति देते हुए यह काम करवाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यह जोशी साहिब के साथ-साथ उनका भी सपना था कि सबसे ऊंचा तिरंगा आई.सी.पी. अटारी में ही लगे।

अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन शुरू, मोदी समेत 14 देशों के प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा

अमृतसर(पंजाब) भारत की मेजबानी में पहली बार अमृतसर में शुरू हुई छठी मिनिस्टीरियल कांफ्रेंस हार्ट ऑफ एशिया इंस्ताबुल प्रोसेस में आतंकवाद मुख्य मुद्दा रहेगा। सम्मेलन में अधिकारी की स्तर की वार्ता शुरू हो गई है।यह सम्मेलन अफगानिस्तान पर इस्तांबुल प्रक्रिया का हिस्सा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शिरकत कर रहे हैं। सम्मेलन में 14 देशों के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री शनिवार शाम को अमृतसर पहुंचेंगे और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। कांफ्रेंस में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर पीएम मोदी और अफगानिस्तान के प्रतिनिधि पड़ोसी देश को घेरने की तैयारी में है। चूंकि, अफगानिस्तान और भारत आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश हैं। अफगानिस्तान के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाकर व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देना भी मुख्य एजेंडा रहेगा।पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज रविवार को इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। अजीज की अमृतसर यात्रा से पहले भारत ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सीमा पार आतंकवाद की निरंतरता को नई सामान्य स्थिति के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत ने स्पष्ट किया कि निरंतर आतंकवाद के माहौल में वार्ता नहीं हो सकती। भारत ने उरी में सैन्य ठिकाने पर हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने करने का आह्वान किया था। हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में उसी दिशा में अपना प्रयास जारी रख सकता है। इसमें तीस देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, रूस और इरान के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। पूरी उम्मीद है कि सम्मेलन के घोषणा पत्र के जरिए पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर कड़वे अनुभव का अहसास कराया जाएगा।

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