लुधियाना में केजरीवाल को दिखाए गए काले झंडे, लगे 'गो बैक' के नारे

लुध‍ियाना अरविंद केजरीवाल को गुरुवार को दिल्ली के बाद पंजाब के लुधियाना में भी विरोध झेलना पड़ा. लुधियाना रेलवे स्टेशन पहुंचते ही केजरीवाल के खिलाफ अकाली दल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और उन्हें काले झंडे दिखाए गए. अकाली दल के यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने लुधियाना में 'केजरीवाल गो बैक' के नारे भी लगाए. केजरीवाल ने पंजाब में विरोध करने वालों पर पलटवार किया और कहा कि मैं अब यहीं खूंटा गाड़कर बैठूंगा. उन्होंने कहा, 'अब रोज दो-चार फर्जी सीडी बाहर आएंगी. हम पर कीचड़ उछाली जाएगी. लेकिन पंजाब की जनता इस पर यकीन नहीं करेगी. जब तक हम सुखबीर बादल और उनके साथियों को जेल न भेज दें, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे.इससे पहले जब केजरीवाल सुबह ट्रेन में सवार होने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे तो बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया था और चूड़ियां दिखाई थीं. दिल्ली पुलिस के जवान काफी मशक्कत के बाद केजरीवाल को ट्रेन के अंदर तक पहुंचाने में कामयाब हुए थे. दिल्ली में केजरीवाल के साथ हुई धक्का-मुक्की को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर हमला बोल दिया. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया कि मोदी जी के इशारे पर दिल्ली पुलिस और बीजेपी मिलकर अरविंद केजरीवाल पर हमले की साजिश रच रहे हैं. क्या आज सुबह की घटना उसका रिहर्सल थी? सिसोदिया ने एक और ट्वीट किया कि दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में धक्कामुक्की होती रही और वो मूकदर्शक बनी रही. चैनलों के कैमरे पहले से बुलाए गए थे. जाहिर है सब कुछ प्री-प्लान था.

नामधारी पंथ के प्रमुख दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी माता चंद कौर की हत्या

नई दिल्ली/लुधियाना : लुधियाना में एक धर्म गुरु से भी दुश्मनी का मामला सामने आया है। नामधारी समाज की गुरु माता चंद कौर को एक अज्ञात व्यक्ति ने दो गोलियां मार दी। फिलहाल उन्हें इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सोमवार की सुबह 10 बजे बदमाश ने गुरुमात को गोलियां मारी। नामधारी पंथ के प्रमुख रहे दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी माता चंद कौर का देहांत हो गया है। आज उन्हें लुधियाना के भैनी साहेब में कुछ लोगों ने गोली मार दी थी। सदगुरु जगजीत सिंह का देहांत 2012 में हुआ था। बताया जा रहा है कि इसके बाद पंथ की गद्दी को लेकर जगजीत सिंह के भतीजों में टकराव था। माना जा रहा है कि चंद कौर की हत्या के पीछे यह विवाद भी एक वजह हो सकता है।
घटना के वक्त सतगुरु महाराज जगजीत सिंह की पत्नी चंद कौर गुरुद्वारा साहिब में ही मौजूद थी, लेकिन उनका सुरक्षा कर्मी उस वक्त वहां मौजूद नहीं था। अज्ञात ने गुरुद्वारा पहुंचकर पहले मत्था टेका उसके बाद उसने गोलियां निकालकर मार दी और मोटरसाइकिल से तुरंत फरार हो गया। इससे पहले साल 2014 में भी नामधारी समाज के गुरु संत उदय सिंह पर भी इंग्लैंड के लेस्टर शहर में एक गुरुद्वारे में हमला हुआ था। सतगुरु के निधन के बाद से ही जब गद्दी ठाकुर उदय सिंह को सौंपी गई, तो कई लोग इसके विरोध में उतर आए। उनका मानना है कि सतगुरु जगजीत सिंह की सगह कोई नहीं ले सकता। कई कार्यक्रमों के दौरान ठाकुर उधय सिंह का सार्वजनिक विरोध हुआ था। 2013 में ही अमृतसर में हुए नामधारी सम्मेलन के दौरान दो गुटों में हिंसा हुई थी। तब फायरिंग और मारपीट में 10 लोग घायल हो गए थे। भारी विरोध के कारण सम्मेलन स्थल पर दो धड़े बंट गए थे और मारपीट कर रहे थे। पुलिस को पहले से ही सम्मेलन में हिंसा की आशंका थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था।

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