राम रहीम मामला: गायब हुई 25 वर्षीय महिला अनुयायी मामले में 7 को सुनवाई

जयपुर साध्वी से दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध किए गए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का एक और प्रकरण में जयपुर शहर की निचली अदालत में भी चल रहा है। विवाहिता के अपहरण से जुड़े इस मामले में हालांकि पुलिस न्यायालय में एफआर पेश कर चुकी है, लेकिन पीड़ित पक्ष की ओर से प्रोटेस्ट पिटिशन दायर कर एफआर को चुनौती दे रखी है। जयपुर की एक निचली अदालत इस प्रकरण में 7 सितंबर को सुनवाई करेगी। प्रकरण से जुड़े अधिवक्ता बाबूलाल बैरवा ने बताया कि गुड्डी देवी अपने पति कमलेश के साथ 24 मार्च 2015 को सिरसा स्थित रामरहीम के डेरे पर गई थी। यहां वह 28 मार्च तक पति के संपर्क में रही। वहीं अगले दिन एक सेवादार ने आकर गुड्डी से कहा कि उसे डेरे के एमडी डीपीएस दत्ता बुला रहे हैं। इसके बाद से गुड्डी देवी लापता हो गई। जब अगले दिन कमलेश ने दूसरे कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि गुड्डर देवी गुरूजी की सेवा में लीन है। वह अपने आप घर आ जाएगी। प्रकरण को लेकर आठ मई 2015 को रामरहीम और डीपीएस दत्ता के खिलाफ जयपुर के जवाहर सर्किल थाना पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने मार्च 2016 में एफआर लगा दी। जानकारी के अनुसार मामले की जांच जवाहर सर्किल थाने के सबइंस्पेक्टर दिनेश कुमार को सौंपी गई थी। इसके बाद मुकदमे की जांच जवाहर सर्किल थाने से ट्रांसफर कर एसीपी मालवीय नगर को सौंपी गई। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि महिला सिरसा, हरियाणा से लापता हुई थी। तब पिछले साल ईलाका गैर मानकर पुलिस ने मुकदमे में एफआर दे दी। राम रहीम के फैसला आने के बाद राम रहीम से जुड़ा हर मामला काफी संवेदनशील हो चुका है। पुलिस के मुताबिक कमलेश कुमार की शिकायत में गुरमीत राम रहीम के अलावा डेरा प्रमुख प्रबंध निदेशक डीपीएस दत्ता और डेरा सच्चा सौदा के सतनाम सिंह के खिलाफ भी गुड्डी को बहला-फुसला कर गायब करने का आरोप था।पुलिस के अनुसार जयपुर की मनोहरपुरा कच्ची बस्ती निवासी कमलेश कुमार की ओर से दायर शिकायत पर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। ​यह केस जयपुर की रहने वाली लापता महिला गुड्डी (25) के पति कमलेश कुमार की शिकायत पर कोर्ट इस्तगासे से मई, 2015 को जवाहर सर्किल थाने में दर्ज हुआ था। परिवादी कमलेश कुमार ने रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि पत्नी गुड्डी के कहने पर गत 24 मार्च 2015 को ट्रेन से सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा जाते समय एक सेवादार से मिला था। डेरा में पहुंचने के बाद सेवादार 28 मार्च को उसकी पत्नी को दत्ता के बुलाने की बात कहकर ले गया। तब से उसकी पत्नी का पता नहीं चला।

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