लश्कर-ए-तैयबा के 8 आतंकियों को आजीवन कारावास, सभी पर 11-11 लाख का जुर्माना

जयपुर राजस्थान के जयपुर में कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के आठ आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. ADJ पवन गर्ग ने देश में आतंक फैलाने की साजिश रचने के आरोप में इन आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 2-2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने कहा कि आतंकी देश में व्यापक स्तर पर अस्थिरता फैलाना चाहते थे. जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के विभिन्न जेलों में बंद ये आतंकी सीधे पाकिस्तान से जुड़े हुए थे. फोन पर इनकी अपने सरगनाओं से बातचीत हुआ करती थी. इन आतंकियों के नाम काबिल खां, असगर अली, शकर उल्लाह, मो. इकबाली, शफरुल्ला, हाफिज अब्दुल मजीद, निशाचंद अली, पवनपुरी और अरुण जैन हैं. जयपुर कोर्ट ने आईपीसी की धारा 13, 18, 18B और 20 के तहत सभी आठों आरोपियों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट मानना है कि जेल में बंद होने के बाद भी लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फोन के जरिए अपने नेटवर्क को फैला रहे थे. देश में किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे.बताते चलें साल 2010 में राजस्थान पुलिस ने तीन पाकिस्तानी और पांच भारतीय नागरिकों को आतंकी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसमें असगर अली, शकर उल्लाह और मोहम्मद इकबाली पाकिस्तानी है. निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और अब्दुल मजीद भारतीय नागरिक है. राजस्थान पुलिस की जांच में आरोपियों का सबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से होने के पुख्ता सबूत मिले थे. इनके फोन रिकॉर्डिंग के आधार पर आतंकियों के स्लीपर सेल का खुलासा हुआ था. करीब सात साल से इस केस सुनवाई चल रही थी. 30 नवंबर को दोषियों की सजा पर बहस पूरी होने के बाद आज सजा का ऐलान हुआ है. आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद इनदिनों आजाद है. हम सभी जानते हैं कि हिन्दुस्तान में आतंक बरपाने का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड हाफिज और उसका आतंकी संगठन लश्कर ही है. मुंबई में हमला हो या देश हुए कई आंतकी वारदात, सबके पीछे लश्कर का ही होता है. कश्मीर में अशांति का सबसे बड़ा कारण यही है.

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