राजस्थान को मोदी की 43 हजार करोड़ की सौगात, हजारों लोगों को मिल सकता है रोजगार

राजस्थान को PM मोदी की 43 हजार करोड़ की सौगात, साधा कांग्रेस पर निशाना जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजस्थान के बारमेर जिले के पचपदरा में 43000 करोड़ की लागत वाली राजस्थान ऑयल रिफाइनरी का शुभारंभ किया। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के इस संयुक्त उद्यम से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। रिफाइनरी शुभारंभ के बाद मोदी ने वहां एक जनसभा को संबोधित किया। मोदी ने इस दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। -पत्थर जड़ने से लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता है, जब काम शुरू होता है तभी विश्वास होता है। -जब मुझे रिफाइनरी वाले इसके बारे में बता रहे थे तो मैंने उनसे पूछा कि उद्घाटन की तारीख बताइए। पीएम बोले कि ये समय संकल्प से सिद्धि का समय है। 2022 से पहले तक रिफाइनरी का उद्घाटन होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे मोदी का एयरपोर्ट पर पहुंच कर स्वागत किया। रिफाइनरी के शुभारंभ के समय वसुन्धरा राजे के अलावा राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धमेन्द्र प्रधान, कृषि और कृषक कल्याण राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और सूचना प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौर भी उपस्थित रहे। वहीं मोदी ने ट्वीट किया, राजस्थान के पचपदरा की यह रिफाइनरी राज्य की ऐसी पहली रिफाइनरी होगी जिससे राजस्थान के लोगों को तेल और गैस का प्राप्त होगी। रिफाइनरी से राज्य के मेहनती युवाओं खास तौर पर लाभदायी सिद्ध होगी। रिफाइनरी को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 2013 में इसका शिलान्यास हो चुका है तो फिर पीएम इसे दोबारा क्यों कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि ऐसा करके मोदी अपने पद की गरिमा को गिरा रहे हैं। भाजपा आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका फायदा उठाना चाहती है। इस विवाद के बाद वितरित किए गए आमंत्रण पत्र में 'कार्य शुभारंभ समारोह' लिखा गया है। इस पर गहलोत ने कहा कि यह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सरकार का मुंह छिपाने जैसा कदम है। 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार ने सोनिया गांधी को बुलाकर तेल रिफाइनरी का शिलान्यास करवाया था लेकिन वसुंधरा राजे ने सत्ता में आते ही इसे घाटे का सौदा बताकर बंद कर दिया। अब 2018 में विधानसभा चुनाव है तो वसुंधरा राजे ने 16 जनवरी को फिर से शिलान्यास करने के लिए पीएम मोदी को बुलाया है। उल्लेखनीय है कि एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के 43 हजार करोड़ रुपए की लागत वाला यह संयुक्त उद्यम से राजस्थान की पहली रिफाइनरी होगा। इस रिफाइनरी को तेल स्रोत के नजदीक स्थापित किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस परियोजना से रोजगार के 10 हजार प्रत्यक्ष और 40 हजार अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे।

लाखों मरीजों को आज मिल सकती है राहत, वार्ता हुई प्रारंभ

डॉक्टरों और सरकार के मंत्रियों के बीच वार्ता बेनतीजा, आज से गिरफ्तारियां डॉक्टरों की हड़ताल को 10 दिन पूरे,सरकार ने कहा अब रजिस्ट्रेशन रद्द गिरफ्तारी शुरू जयपुर। राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों और रेजीडेंट्स की हड़ताल के कारण पूरा प्रदेश परेशान है। चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई ।अस्पतालों के हाल-बेहाल है,दो सप्ताह से चल रही हड़ताल के कारण सही समय पर उपचार नहीं होने के चलते अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी। सोमवार को क्रिसमस की छुट्टी के बावजूद हाईकोर्ट खुला और मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नाद्रजोग एवं न्यायाधीश डी.सी सोमानी की विशेष खंडपीठ ने कहा कि सरकार हड़ताल को गैर कानूनी बता रही है,इसलिए वह चाहे तो डॉक्टरों की गिरफ्तारी अथवा अन्य कोई कानूनी कार्रवाई कर सकती है । हाईकोर्ट की सख्ती का भी हड़ताली डॉक्टरों पर कोई असर नहीं हुआ और सोमवार को भी वे काम पर नहीं लौटे । अब सरकार ने चेतावनी दी है कि बुधवार तक काम पर नहीं लौटने वाले डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर गिरफ्तारी की जाएगी । चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने पत्रकारों को बताया कि डॉक्टरों की पहले हुई हड़ताल के दौरान जो समझौता हुअा था उसे लागू कर दिया गया । लेकिन डॉक्टर्स फिर भी काम पर नहीं लौट रहे । सराफ ने कहा कि सरकार ने आवश्यक सेवा कानून ( रेस्मा ) लागू कर रखा है । डॉक्टर्स को बातचीत का पूरा मौका दिया । मंगलवार शाम तक काम पर लौटने के लिए कहा गया था,अब बुधवार से हड़ताली डॉक्टर्स के रजिस्ट्रेशन रद्द कर गिरफ्तारी तेज की जाएगी । पहले भी कुछ डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है । इधर सेवारत चिकित्सक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.अजय चौधरी ने कहा कि चिकित्सा मंत्री हठधर्मिता अपनाए हुए है । डॉक्टरों की ओर से सात सूत्री मांग पत्र सरकार को सौंपा गया था,लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही । डॉक्टरों को गिरफ्तार किया जा रहा है,तबादले किए जा रहे हैं । उल्लेखनीय है कि डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सरकारी अस्पतालों में सही समय पर उपचार नहीं मिलने से अब तक कई मौते हो चुकी है । पिछले दो सप्ताह में स्वाइन फ्लू से 3 मौतें हुई । वहीं विभिन्न रोगों के कारण अस्पताल में पहुंचे 5 लोगों की मौत की बात सामने आई । इसी तरह तीन दिन पूर्व सवाई माधोपुर जिले में हुए बस हादसे में घायलों को भी समय पर इलाज नहीं मिल सका था। सेवारत डॉक्टर्स की हड़ताल समाप्त कराने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने परिवहन मंत्री युनूस खान और सहकारिता मंत्री अजय किलक की एक कमेटी बनाई है । यह कमेटी सेवारत चिकित्सक एसोसिएशन से वार्ता करेगी । चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ को इस कमेटी से दूर रखा गया है । चिकित्सक एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं चिकित्सा मंत्री के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए यह निर्णय किया गया है । अजय किलक ने हड़ताल शीघ्र समाप्त होने की संभावना जताई है । उन्होंने कहा कि भरतपुर में मंगलवार शाम 21 डॉक्टर्स काम पर लौटे है।

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