अब मेट्रो सिटी की गिनती में जयपुर भी हुआ शामिल

जयपुर : पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर अब मेट्रो सिटी के नाम से भी जाना जायेगा. आज से जयपुर में मेट्रो का परिचालन शुरू कर दिया गया. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर मेट्रो के परिचालन की शुरुआत की. जयपुर इसके लिए बहुत पहले से इंतजार कर रहा था. सालों से जयपुर मेट्रो का सपना देख रहा था और आज यह सपना पूरा हो गया. मेट्रो को फूलों से पूरी तरह सजाया गया था. फिलहाल यहां दो मेट्रो ट्रेन चलेगी, जिसके लिए आधा दर्जन से ज्यादा ड्राइवरों की टीम तैयार की गयी है. इस समारोह में मुख्यमंत्री के साथ महापौर निर्मल नहाटा, नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, यूडीएच के एसीएस अशोक जैन और सीएमडी निहालचंद गोयल समेत कई लोग मौजूद थे. मेट्रो के परिचालन के साथ ही इसका शुरुआती किराया 5 रुपये से लेकर 15 रूपये तक होगा. यह किराया स्टेशन के आधार पर होगा पहले स्टेशन से लेकर दूसरे स्टेशन तक का किराया 5 रुपया, तीसरे स्टेशन से पांचवे स्टेशन तक का किराया 10 रुपया और छठे स्टेशन से लेकर आठवें स्टेशन तक का किराया 15 रुपया तक किया गया है. मेट्रो सुबह 6.45 मीनट से लेकर रात के 9 बजे तक चलेगी

गुर्जरों को मिला 5 फीसदी आरक्षण, रेल और सड़क मार्ग खुले

जयपुर/मथुरा, राजस्थान सरकार के साथ आरक्षण के मामले में समझौता होने के बाद गुर्जरों ने अपना आंदोलन समाप्त करते हुए आज रेल पटरियों को खाली कर दिया तथा सड़क मार्ग खोल दिए। भरतपुर जिले के बयाना के पास पीलूपुरा में रेल पटरियों पर गुर्जरों के धरना देने से पिछले आठ दिनों से दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग ठप पड़ा था। आंदोलन समाप्त होने के बाद गुर्जरों ने रेल पटरी खाली कर दी, लेकिन अभी यातायात शुरु नहीं हो पाया है। रेल पटरियों की मरम्मत आदि का काम चल रहा है। भरतपुर एवं दौसा जिले में गुर्जरों ने सड़क मार्ग भी अवरुद्ध कर दिए थे, जो आज खुल गए हैं तथा रोड़वेज एवं निजी बसों का आवागमन शुरू हो गया है। सिकन्दरा के पास अवरुद्ध मार्ग के खुलने से जयपुर आगरा के लिए बसें शरु हो गई है। इसके साथ ही हिण्डोन एवं सवाईमाधोपुर सड़क मार्ग भी खुल गए हैं। गौरतलब है कि आरक्षण की मांग को लेकर आठ दिनों चला आ रहा गुर्जरों का आंदोलन खत्म हो गया है। राजस्थान सरकार ने गुर्जरों के पांच फीसदी आरक्षण देने की मांग स्वीकार कर ली है। जयपुर में राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में सरकार नया विधेयक लेकर आएगी, जिसे विधानसभा में पास कराया जाएगा। राठौड़ ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारी गुर्जरों के बीच आठ बिंदुओं पर सहमति बन गई है। गुरुवार शाम को शासन सचिवालय में गुर्जर आरक्षण समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और सरकार मंत्रियों के बीच पांचवें दौर की अहम वार्ता हुई, इसके बाद गुर्जरों की मांग मान ली गई। सचिवालय कक्ष में हुई वार्ता में चिकित्सा मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी, खाद्य आपूर्ति मंत्री हेमसिंह भड़ाना के साथ गुर्जर नेता बैंसला और गुर्जर समाज के अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे। वसुंधरा राजे सरकार ने सरकारी नौकरियों में 5 फीसदी आरक्षण देने की गुर्जर समुदाय की मांग मानते हुए कर्नल बैंसला को सरकार की ओर से अलग से गुर्जरों को आरक्षण का प्रावधान करने के प्रस्ताव की चिट्ठी सौंप दी। यह आरक्षण 50 प्रतिशत से ऊपर होगा। इससे पहले गुर्जर प्रतिनिधि मंडल के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की चार बार बैठक हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था। सरकार से समझौता के बाद गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी। 'अबकी बार-आखिरी बार' के नारे के साथ गुर्जर आंदोलनकारी पिछले 21 मई से भरतपुर के पास मुंबई दिल्ली रेलमार्ग पर आंदोलन पर बैठे थे। 1954 से चल रहा है गुर्जर आंदोलन राजस्थान के गुर्जर समाज के लोग लंबे समय से अनुसूचित जनजाति के तहत शामिल करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल राजस्थान के गुर्जर समाज के लोग ओबीसी में आते हैं। इस वे अपने आंदोलन में ओबीसी के तहत ही राज्य की नौकरियों में 5 फीसदी अलग से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। 2007 और 2008 में भी वसुंधरा राजे के सरकार के समय गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक आंदोलन कर चुके हैं। कोर्ट ने लगाई रोक राजस्थान में आई कांग्रेस की सरकार ने गुर्जर समाज को 5 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान कर दिया था। पर कोर्ट ने इस पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि कुल आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। इस मामले में अगली सुनवाई कोर्ट में 16 जुलाई को होने वाली है। दशकों पुराना आंदोलन - 50 साल से ज्यादा पुराना है गुर्जर आरक्षण आंदोलन। - 03 राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में गुर्जर समाज के लोग अनुसूचित जनजाति में आते हैं। - 10 फीसदी है राजस्थान में गुर्जरों की आबादी। - 1954 में राजस्थान में मीणा को अनुसूजित जनजाति का दर्जा मिला जबकि गुर्जरों को ये दर्जा नहीं मिला। - 1981 में गुर्जरों को पिछड़ी जाति की श्रेणी में रखा गया गुर्जर आरक्षण के लिए वसुंधरा सरकार लाएगी विधेयक राजस्थान सरकार ने कहा है कि विधान सभा के आगामी सत्र में विधेयक लाकर गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को पास कराया जाएगा। राज्य सरकार विधेयक को मंत्रिमंडल में पारित कराने के बाद केंद्र को भेजकर नवीं सूची में डलवाने के लिए प्रतिबद्ध होगी। आरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए सरकार और आंदोलनकारियों की एक समिति भी बनेगी, जो कि सरकार को सुझाव देगी। प्रत्येक माह के पहले मंगलवार क आरक्षण मामले की नियमित समीक्षा पर भी दोनों पक्षों ने सहमति जताई है।

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