कक्षा में व्यवहार कुशल होना शिक्षक के लिए बहुत आवश्यक

अमरोहा, अ.हि.ब्यूरो। हाशमी गल्र्स पीजी कालेज में आज इग्नू द्वारा संचालित बीएड प्रथम वर्ष कार्यशाला के दसवे दिन छात्राध्यापकों ने बताया कि अध्यापक को कक्षा में प्रश्नपत्र बनाते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि कक्षा में विद्यार्थियों के बौद्धिक परीक्षण का विशेष ध्यान रखे और वस्तुनिष्ठ और निबन्धात्मक प्रश्नों का तालमेल सही बैठे। विद्यार्थी अपना परिणाम बेहतर दे सके और अध्यापक को भी मूल्याकंन में आसानी रहती है। ब्लू प्रिंट के माध्यम से हम अपने प्रश्न पत्रों को उपलब्धि परीक्षण के अनुसार तैयार कर सकते है। अनुराग यादव ने कहा कि कक्षा में दैनिक डाटा बनाना भी अध्यापन कार्य में सहायता प्राप्त करता हैं क्योकि जब अध्यापन कार्य में समस्याये आती है तो उनका निदान भी अति आवश्यक है। विद्यार्थियो की समस्याओ को तथ्यात्मक व संख्यात्मक आंकड़ों को इकटठा करके समस्या का निदान कर सकते है। अध्यापको को विद्यार्थियो की सबलताओं व निर्बलताओं को पहचानने के लिए तथ्यो को इकटठा करना चाहिए। अख्तर उल अब्बास गुलजार ने छात्राध्यापकों को बताया कि अध्यापकों को अपनी कक्षा में व्यवहार को कुशल बनाये रखना आवश्यक है क्योकि कक्षा में विद्यार्थियों का मन बहुत छोटा होता है उनसे हम कड़क लहजे मे बात करेगे तो उनके मन को ठेस लगेगी इसलिए हमें उनके साथ कुछ नर्मी का रूख भी रखना होगा। अत: उर्दू जुबान इस काम मे हमार बहुत मदद करती है। उर्दू जुबान किसी कौम या मजहब की जुबान नही है अपितु हर हिन्दुस्तानी की जुबान है। उर्दू जुबान अदब और तहजीब की जुबान है। विद्यार्थियों को कक्षा में डॉटने या सजा देने में हमें नम्र शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उधर राशिदा बेगम मुस्लिम महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में मास्टर टे्रनर तनवीर हसन नकवी, काउंसलर अशहर तौसिफ ने ब्लू पिं्रट के आधार पर उपलब्धि परीक्षण का निर्माण एवं शैक्षिक मूल्यांकन परिपेक्ष्य में छात्रों का मागदर्शन किया और शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए टिप्स दिये। इस अवसर पर रविन्द्र त्यागी, डा. आरएसके सूरी, प्रबंधक नासिर हसन, निदेशक तौसिफ हसन आदि ने भी छात्राध्यापकों का मार्गदर्शन किया।

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