रमजान में गीबत से बचना जरूरी

हसनपुर, अ.हि.ब्यूरो। रमजान शुरू होते ही नेकियों का खजाना खुल गया है। लोग इस दौरान बेशुमार नेकियां कर जन्नत में अपनी जगह बना सकते हैं, लेकिन रमजान में कुछ चीजों का ख्याल रखना जरूरी है। अगर गुनाहों से नहीं बचे तो दुश्वारियां भी बढ़ सकती हैं। सपा अल्पसंख्यक सभा के नगर अध्यक्ष अब्दुल गफफार खां कहते हैं कि रमजान में गीबत से बचना जरूरी है। गीबत का मतलब पीठ के पीछे किसी शख्स की बुराई करना है। गीबत रोजे को खराब कर देती है। अक्सर लोग रोजे के दौरान एक दूसरे की बुराई करने में लगे रहते हैं। इसका ख्याल भी नहीं रखते कि रोजे से हैं। जबकि रिवायतों में गीबत से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। कुरान में भी गीबत से बचने को कहा गया है। उंहोने कहा कि लोग रमजान में काम बात करें। जरूरी बातें ही करें, ताकि गलत बयानी न होने पाए। इसके अलावा जो आदमी मौजूद न हो, उसकी बात करने से बचें। अगर कोई दूसरा शख्स किसी की बुराई में लगा हो तो उसे याद दिलाए कि उसका रोजा है। गीबत करके रोजा खराब न करें।

देवराज कमेटी के विरोध में प्रदर्शन

अमरोहा, अ.हि.ब्यूरो। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन गजरौला ने देवराज कमेटी को मजदूर विरोधी करार देते हुए अमरोहा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। गुरुवार को बड़़ी सख्या में कार्यकर्ता अध्यक्ष चरन सिंह के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर एकत्र हुए और देवराज कमेटी कमेटी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। शाखा सचिव नासिर हुसैन ने देवराज कमेटी को मजूदर विरोधी बताते हुए कहा कि कमेटी मजदूरों के हित के लिए कोई काम नही कर रही है। बोले, मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए सभी एसोसिएशन को एक सामान कार्य करने चाहिए। लेकिन देवराज कमेटी लंबे समय से मजदूर के लिए कोई ठोस कदम नही उठा रही है। जिससे साफ है कि वह मजदूर विरोध है। उन्होने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों से मिलकर कमेटी के पदाधिकारी मजदूरों का उत्पीडऩ करने में लगे हुए है। जिससे बर्दाश्त नही किया जाएंगा। उन्होने ऐलान किया कि कमेटी के विरोध पच्चीस से तीस जून तक मंडल की सभी शाखाओं में धरना प्रदर्शन किया जाएंगा। प्रदर्शन करने वालों में नवाब हुसैन, मुराद अली, पुष्कर सिंह, धमेंद्र सिंह, नफीस, असद अहमद, नासिर हुसैन, बलवीर सिंह, गुड्डु, समद, चरन सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

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