पुलिस परामर्श केंद्र पर बढ़ा जनता का विश्वास

बदायूं, अ.हि.ब्यूरो। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पुलिस परामर्श केंद्र पर जनता के बढ़ते विश्वास का परिणाम है कि अब ऐसे भी कुछ मामले आने लगे हैं, जो भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अंतर्गत दंडनीय 'फौजदारी' न्यायालयों में दायर होने चाहिए। आज भी एक मामले में एक विवाहित महिला निशा (बदला हुआ नाम) ने अपने बहनोई के भाई पर आरोप लगाया था कि गत दिनों वह एक बहुत बड़े त्यौहार पर मायके आई हुई थी तभी उसके बहनोई के भाई लल्ला (बदला हुआ नाम) ने दोपहर में दो बजे उससे बलात्कार किया और अब जान से मारने की धमकी दे रहा है। एक पक्ष के नहीं आने के कारण मामले की सुनवाई अब 24 अप्रैल, 2016को होगी। ऐसे ही एक अन्य मामले में एक ऐसा मामला सामने आया कि उघैती क्षेत्र के 23 वर्ष पहले एक पति-पत्नी (दंपति) में पुत्र जन्म के बाद तलाक हो गया। पति ने दूसरी शादी कर ली तभी पत्नी ने भी अपनी अन्य शादी कर ली। अब लड़का अपने वास्तविक, पिता से संपत्ति में हिस्सा मांग रहा है परंतु उसकी मां का पहला पति उसे उसके हक की कोई संपति नहीं दे रहा है। गत 3 अप्रैल को आहूत होने वाली मीटिंग एक सप्ताह विलंब से रविवार को आयोजित हुई, जिसमें डॉ. लता मिश्रा, राम जस अनेजा, प्यारे सिंह यादव, अशोक खुराना, एस.सी. जौहरी, वीरेन्द्र धींगड़ा, डॉ. एमएम. फरशोरी, डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्र के अलावा प्रोफेसर डी.पी. खत्री आदि उपस्थित रहे। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में पुलिस कर्मियों में आसमां बेगम के अलावा महिला थानाध्यक्ष सुनीता मिश्रा ने भी दौरा किया, अगली तिथि 24 अप्रैल को होगी।

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