बुलंदशहर गैंगरेप: पुलिस की थर्ड थ्योरी से क्या होगा सही खुलासा?

बुलंदशहर यूपी के बुलंदशहर में दिल्ली-कानपुर नेशनल हाइवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप और लूटपाट मामले में पुलिस ने वारदात के मास्टरमाइंड और गैंग सरगना सलीम की गिरफ्तारी कर ली है.सलीम के साथ कन्नौज का जुबैर और शाजिद भी गिरफ्तार किए गए हैं. लगातार बयान बदल रही पुलिस की यह तीसरी थ्योरी है. सलीम बाबरिया जाति का नहीं, छैमार जाति का है. पुलिस का दावा है कि सलीम देश के 5 राज्यों में दो दर्जन से ज्यादा इसी तरह की वारदातें कर चुका है.नाम न खोलने की शर्त पर पुलिस के एक आला अधिकारी ने सलीम के गैंग और गैंगरेप मामले के खुलासे से संबधित जानकारियां ईटीवी/प्रदेश-18 को दी हैं. अधिकारी ने बताया कि सहारनपुर के गंगोह के निवासी सलीम छैमार जनजाति से है. उसके गैंग में कन्नौज, मेरठ, हापुड़, नोएडा और बुलंदशहर के बदमाश शामिल है.पुलिस ने सलीम के साथ जिन दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है उनके नाम जुबैर और शाजिद हैं. जुबैर कन्नौज का निवासी है. अधिकारी ने दावा किया है कि तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी मेरठ और मवाना इलाके से की गयी है.
रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी जावीद अहमद ने बुलंदशहर में वारदात के खुलासे का दावा करते हुए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही थी.डीजीपी ने बताया था यह गैंग बाबरिया जनजाति के अपराधियों का हैं. डीजीपी ने इस बातचीत के दौरान फरीदाबाद के बबलू और भटिंडा के नरेश उर्फ ठाकुर के नाम का खुलासा किया था. अगले ही दिन पुलिस ने रईस के अलावा दो आरोपियों के नाम गिरफ्तारी में बदल दिए. इसके बाद पुलिस अपराधी गैंग के स्थानीय होने के दावे करती रही.पुलिस की तीसरी थ्योरी में सलीम की गिरफ्तारी दिखाई गई है. सलीम को पुलिस के आला अधिकारी पहले से बाबरिया बता रहे थे और उसकी राजस्थान के भरतपुर में तलाश की जा रही थी. पुलिस की नई थ्योरी में सलीम बाबरिया न होकर छैमार जनजाति का निकला है. पुलिस के तीसरे खुलासे में भी कई पेंच हैं.पुलिस अभी तक इस वारदात में शामिल गैंग के बदमाशों का आपसी कनेक्शन जोड़ने से बचती रही है. बुलंदशहर के रईस को पहले मामले का मुख्यारोपी बताया गया. पुलिस ने दावा किया कि उसकी शिनाख्त पीड़ित परिवार ने की है. लेकिन स्थानीय बदमाश रईस कई महीने से इलाके में लगातार वारदातें कर रहा था और उसे कोतवाली देहात पुलिस का संरक्षण प्राप्त था.
डकैती जैसे संगीन मामलों में पुलिस ने उसे वसूली करके छोड़ दिया और केस तक दर्ज नही किया था. वारदात में रईस के साथ जेल गया जबरसिंह बाबरिया गैंग का बताया जाता है. उसकी पत्नी से भी पुलिस ने बड़ी जानकारियां हाथ लगने का दावा किया था और सलीम का डेरा भरतपुर में होना बताया था.तीसरा बदमाश शाबेज हापुड़ इलाके का है और उसका भाई परवेज शातिर लुटेरा है. पुलिस ने फिलहाल जो बदमाश गिरफ्तार किए हैं, वह भी अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं. सवाल ये है कि पूर्वी यूपी से वेस्ट यूपी की तलहटी तक फैले इस गिरोह का आपसी कनेक्शन आखिर क्या है?पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बाबरिया अपराधी किसी दूसरे गैंग के साथ अपराध नही करते, लेकिन इस वारदात में जबरसिंह का शामिल होना बाबरिया गैंग के आपराधिक नियमों के खिलाफ है. पुलिस के आला अधिकारियों का नया दावा है कि सलीम का गैंग एक रात में तीन से चार वारदातें करता था और अपने गैंग में एक स्थानीय अपराधी को शामिल करता था. तो क्या बुलंदशहर का रईस कई महीनों से सलीम गैंग के लिए बुलंदशहर में काम कर रहा था?

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