ऐसे दिया था जेवर कांड को अंजाम, एसएसपी ने सुनाई वारदात की कहानी

जेवर जेवर गैंगरेप कांड के चार आरोपियों को रविवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. दो फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है. नोएडा के एसएसपी लव कुमार ने रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि किस तरह से पुलिस करीब दो महीने बाद बदमाशों तक पहुंचने में कामयाब हो पाई. पकड़े गए बदमाश बावरिया गैंग से जुड़े हैं.एसएसपी लव कुमार ने बताया कि जेवर कांड के आरोपियों को पकड़ना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था. आरोपियों को पकड़ने के लिए कई टीम लगी हुईं थीं. अलीगढ़ और बुलंदशहर पुलिस के साथ-साथ यूपी एसटीएफ भी बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी. इन दो महीनों के दौरान कई गैंग्स को ट्रेस किया गया. जिसके बाद शनिवार देर रात पुलिस को इन बदमाशों के कार से जेवर आने की सूचना मिली. पुलिस ने जाल बिछाया और जैसे ही बदमाश वहां आए, पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की लेकिन बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश को गोली लगी, जबकि तीन बदमाशों को धर दबोचा. दो बदमाश मौके से भागने में कामयाब रहे. एसएसपी ने कहा, पुलिस की एक टीम उनकी तलाश में जेवर से सटे आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही है. जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.एसएसपी लव कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाश भरतपुर, झज्जर और बुलंदशहर के रहने वाले हैं. बदमाशों ने जेवर गैंगरेप कांड को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है. बदमाशों के पास से जेवर कांड के पीड़ितों के दो मोबाइल भी मिले हैं. साथ ही इनके पास से 3 तमंचे, जेवरात, कार, सरिया, एक्सेल आदि सामान बरामद किया गया है. बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वह लोग रात के समय वारदात को अंजाम देते थे. चर्चित जेवर कांड में गिरोह के 8 लोग शामिल थे. घटना में उन्होंने स्कॉर्पियो कार का इस्तेमाल किया था. उन्होंने लूट के इरादे से जेवर कांड को अंजाम दिया था. एसएसपी ने बताया कि चारों महिलाओं से गैंगरेप की पुष्टि जांच के आधार पर हुई थी. बीते 25 मई को ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना इलाके स्थित साबौता गांव के पास करीब आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने कार से जा रहे एक परिवार के साथ लूटपाट की थी. विरोध करने पर बदमाशों ने परिवार के मुखिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इतना ही नहीं कार में सवार चार महिलाओं के साथ गैंगरेप किए जाने की बात भी सामने आई थी. इस मामले में एक पीड़िता के बयान देने और फिर बाद में अपने ही बयान से मुकरने को लेकर भी खासा विवाद हुआ था.

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