हिली यूपी सरकार, आज पीड़ितों से मिलेंगे सीएम अखिलेश!

बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एनएच 91 यानी गाजियाबाद-अलीगढ़ हाइवे पर लूटपाट व गैंगरेप की घटना से यूपी सरकार हिली गई है। खबर का संज्ञान लेने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हाइवे पर सुरक्षा के लिए डीजीपी से एक्शन प्लान मांगा है। आज मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। वहीं इससे पहले सीएम के आदेश के बाद प्रमुख गृह सचिव देबाशीष पंडा और डीजीपी जावेद अहमद आनन-फानन में हेलीकॉप्टर के जरिए बुलंदशहर पहुंचे। और मौके का जायजा लिया। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले की जांच के लिए 350 पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। राजस्थान और गुरुग्राम में छापेमारी की जा रही है। नोएडा गाजियाबाद की पुलिस भी जांच में जुटी है। वहीं राज्य के सीएम ने कहा कि राज्य सरकार दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी। पुलिस महानिदेशक को मामले का तत्काल खुलासा करके दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिया है। बुलंदशहर के एसएसपी को दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे की मोहलत मिली है।

बुलंदशहर रेपकेस: अखिलेश सरकार हुई सख्त, 4 पुलिस अधिकारी सस्पेंड

मायावती बोलीं-इस्तीफा दें अखिलेश
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में शुक्रवार की रात दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मां-बेटी के साथ हुए सामूहिक रेप के मामले में अखिलेश सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने सख्ती दिखाते हुए बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, सिटी एसपी राममोहन सिंह और सर्किल अफसर (सदर) हिमांशु गौरव और और कोतवाली देहात के एसएचओ रामसेन सिंह को निलंबित कर दिया है. इस मामले में यूपी पुलिस ने रविवार को दावा किया कि वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटना के बाद नाराज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर बुलंदशहर के दोस्तपुर गांव में पहुंचे डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि रेपकांड में शामिल नरेश, बबलू और रईस नाम के तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है. डीजीपी अहमद ने कहा कि प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने शनिवार की शाम 15 लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए सभी लोग एक खानाबदोश जनजाति से हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. इस बीच सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज पीड़ित परिवार से मिल सकते हैं. इस मामले को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सीएम अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यदि नहीं संभाल पा रहे तो इस्तीफा दें.
डीजीपी ने कहा कि बावरिया गिरोह से संबंध रखने वाले तीन आरोपियों की पहचान पीड़ितों ने की है और सभी दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत केस दर्ज किया जाएगा. डीजीपी ने पुलिस पर लापरवाही के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी वैभव कृष्ण पुलिस बल के साथ 20 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे थे. वहीं दूसरी ओर इस मामले में संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी अपने एक सदस्य को पीड़ितों और जांच से संबंधित अधिकारियों से मिलने के लिए यूपी रवाना कर दिया है. आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने पुलिस की ओर से मामले में की गई गिरफ्तारियों के सही होने पर संदेह जाहिर किया है. इस मुद्दे पर यूपी में विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि यह ‘बर्बर’ घटना है और यूपी में ‘गुंडाराज’ अपने चरम पर है. बीजेपी ने अखिलेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह एक्सप्रेस-वे और राजमार्ग तो बना रहे हैं, लेकिन उन्हें लोगों की सुरक्षा की परवाह नहीं है.

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