प्रधानाध्यापक फल वितरण में लापरवाही नहीं बरते : बीएसए

हापुड़, अ.हि.ब्यूरो। शासन के निर्देश पर मध्यान्ह भोजन योजना (मिड-डे मिल) के तहत जनपद के सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे एक से कक्षा आठ तक के छात्र छात्राओं में मौसमी व ताजे फलों का वितरण किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधान अध्यापकों को फल वितरण में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। आपको बता दें, कि सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में प्रतिवर्ष घटती बच्चों की संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य को लेकर सरकार द्वारा मिड-डे मिल योजना शुरू की गयी। जिसमें सप्ताह में छह दिन बच्चों को अलग-अलग प्रकार का खाना खाने को दिया जाता है। इस योजना के शुरू होने स्कूलों में बच्चों की संख्या में कुछ इजाफा भी हुआ। शासन ने वर्ष 2015 में मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दूध वितरित करने के निर्देश दिए। निर्देश के अनुपालन में बच्चों को प्रत्येक बुधवार को दूध पीने के लिए दिया जाता है। अब शासन के निर्देश पर मिड-डे मिल योजना के तहत प्रत्येक सोमवार को एक से कक्षा आठ तक के बच्चों में मौसमी व ताजे फलों का वितरण किया जाएगा। शासन के आदेशों के अनुपालन में आज सोमवार को जनपद में सभी सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों में शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्य, ग्राम प्रधानों द्वारा फलों का वितरण किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेन्द्र गुप्ता ने प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया, फल वितरण में लापरवाही नहीं बरते। बच्चों में ताजे व मौसमी फलों का ही वितरण किया जाए। कटे व खराब फलों का वितरण कदापि नहीं किया जाए। फल वितरण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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