मेरठ में कारोबारी का मर्डर, शोक में अमित शाह ने बीच में रोकी पदयात्रा

मेरठ, यूपी के विधानसभा चुनावों के लिए मेरठ में आयोजित पदयात्रा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीच में ही रोक दी. दरअसल मेरठ में गुरुवार को एक कारोबारी की हत्या कर दी गई थी. इस घटना को लेकर अमित शाह ने राज्य की सपा सरकार पर निशाना साधा और घटना पर शोक जताते हुए यात्रा बीच में रोकने का ऐलान किया. यूपी में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अमित शाह ने कहा, 'राज्य में कानून- व्यवस्था का बुरा है. यूपी में हर दिन बलात्कार के 24 मामले और हत्या के 13 मामले सामने आते हैं. मैं चाहता हूं कि राहुल और अखिलेश जी कानून-व्यवस्था के इस सवाल पर जवाब दें.' राहुल और अखिलेश पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि दोनों शहजादे जब आज प्रेस कांफ्रेस करेंगे तो इन सवालों का जवाब देंगे.' अमित शाह ने इसके साथ ही यूपी के हर कॉलेज में एंटी-रोमियो दस्ता बनाने की ऐलान किया. उन्होंने कहा, 'हर कॉलेज में एंटी-रोमियो स्क्वाड बनाया जाएगा, जिससे हमारी बच्चियां सुरक्षित रहें. मेरठ में अमित शाह ने कांग्रेस और सपा पर करारा हमला बोला और कहा कि दोनों शहजादे यूपी का विकास नहीं कर सकते. बीजेपी अध्यक्ष सपा-कांग्रेस में चुनाव पूर्व हुए गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, 'एक ने देश को लूटा और दूसरे ने प्रदेश को लूटा है और अब ये दोनों मिलकर यूपी को लूटना चाहते हैं.' अमित शाह ने यहां किसानों के लिए कई वादें भी किए. उन्होंने कहा, 'हमने छोटे किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने का फैसला किया है. इसके साथ ही हमारी सरकार बनते ही 120 दिनों के अंदर गन्ना किसानों को बकाया भुगतान कर दिया जाएगा.' इससे पहले, आज होने वाली अमित शाह की पदयात्रा का रूट अंतिम समय में बदल दिया गया. दरअसल इस यात्रा के रूट में ही गुरुवार को लुटेरों ने एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी, इसी वजह से रूट में यह बदलाव किया गया है. हत्या की इस वारदात को लेकर सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने यहां कहा, बीजेपी चाहती है कि यूपी रोजगार के लिए नंबर 1 बने, लेकिन सपा ने प्रदेश को हत्या में नंबर एक बना दिया है. कल मेरठ के अंदर भरे बाजार में एक निर्दोष युवा को मौत के घाट उतार दिया गया. बीच बाजार में 25-30 गोलियां चल जाती हैं, 4 व्यापारी घायल हो जाते हैं, लेकिन अखिलेश यादव के माथे पर जू नहीं रेंगती. मैं मेरठ की जनता से अपील करता हूं, आप बीजेपी को लाइए, हम उत्तर प्रदेश को गुंडाराज मुक्त बना कर आपको देंगे.'मेरठ में शारदा रोड पर स्थित ब्रह्मपुरी इलाका बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां उन्होंने कहा, 'अभिषेक की मौत के शोक में आज हम यहीं यात्रा को रोक रहे हैं और इस सरकार के विरोध में घर घर जाकर लोगों को बताएंगे.' बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मेरठ के अलावा पिलखुवा, धौलाना, हापुड़, खुर्जा और बुलंदशहर में उनकी चुनावी सभाएं होनी हैं. 'वेस्ट यूपी की जनता बीजेपी के साथ' का संदेश देने के लिए अमित शाह ने रणनीति तैयार की है. उनकी पहली तैयारी है कि वह मेरठ में शुक्रवार को पुरानी दिल्ली चुंगी से पदयात्रा करते हुए शारदा रोड, कबाड़ी बाजार, शहर सर्राफा बाजार, कागजी बाजार, लाला का बाजार, घंटाघर तक पदयात्रा करेंगे. यह इलाका पूरी तरह मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र का है, लेकिन शाह मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण और मेरठ कैंट के प्रत्याशियों के लिए भी वोट मांगेंगे. राजनाथ सिंह भी शुक्रवार को यूपी में दो चुनावी सभाएं करने वाले हैं. लखीमपुर खीरी और इटावा में राजनाथ सिंह की रैली है.

कचहरी में पेशी पर आए बदमाश को छुड़ा ले गए साथी, ऐसे की थी प्लानिंग

मेरठ। मेरठ कचहरी पर पेशी पर आए एक कैदी को उसके साथियों ने हमला कर छुड़ा लिया। आनन-फानन में एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कैदी और उसके साथी वहां से फरार हो चुके थे। घटना से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी जे.रविन्द्र गौड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है और फरार हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया है। घटना गुरुवार शाम की है। मेरठ कचहरी में हत्यारोपी इकराम पेशी पर आया हुआ था। सरधना निवासी इकराम 2010 में लिसाडी गेट निवासी मतीन की हत्या का आरोपी है। इसी हत्या के मामले में इकराम को कचहरी में पेशी पर लाया गया था। इसी दौरान पहले से फील्डिंग सजा कर बैठे इकराम के साथियों ने इकराम को पेशी पर लाने वाले सिपाही अरविन्द व करमअली पर हमला बोल कर इकराम को छुड़ा लिया।
इस बीच एक बदमाश के हाथ से तमंचा छूट गया ये देख दूसरे बदमाश ने सिपाही पर उस्तरे से हमला बोल दिया और इकराम को लेकर फरार हो गए। बताते है कि इकराम वर्ष 2007 में भी पुलिस हिरासत से फरार हुआ था और 2010 में हत्या के बाद वह फिर गिरफ्तार हुआ था। चर्चा है कि मेरठ जेल में बंद कुख्यात उधम सिंह के शूटर भरतू नाई ने इकराम की फरारी का तानाबाना अपने साथी देवेश त्यागी के साथ मिलकर बुना है और भरतू नाई द्वारा अपने गुर्गो की मदद से जेल के बाहर कुछ घटनाओं को अंजाम दिलाने के लिए इकराम को छुड़ाया गया है।

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