रिटायर्ड कर्नल के घर छापा, एक करोड़ कैश सहित हथियारों का जखीरा और मांस बरामद

17 घंटे चली रिटायर्ड कर्नल के घर रेड मेरठ। मेरठ के थाना सिविल लाइंस इलाके में महिला थाने के सामने नेशनल शूटर और सेना के पूर्व कर्नल के घर गोपनीय सूचना के आधार पर डीआईआर यानी डारेक्टरेट आफ रेवून्यू इंटेलिजेन्स की टीम ने छापामारी की। इस छापेमारी में रिटायर्ड कर्नल के घर से करीब एक करोड़ रूपये नगद और वन्य जीवो की खाल, खोपड़ी , सींग और वन विभाग से जुडी शूटिंग की 40 राइफल्‍स और पिस्टल सहित करीब 50 हजार कारतूस बरामद किये हैं। साथ दुर्लभ एंव प्रतिबंधित वन्य जीवों का करीब 117 किलो मॉस बरामद किया है। दिल्ली से आई डीआरआई की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई 11:30 बजे शुरु की, जो कि रविवार सुबह 3:30 बजे तक चली। इस छापेमारी की कार्रवाई में डीआरआई सहित वन विभाग के आला अधिकारियों और पुलिस टीम को भी बुलाया गया। 16 घंटे चली इस छापेमारी में आखिरकार डीआरआई की टीम को बड़ी सफलता मिली और रिटायर्ड कर्नल के मकान से एक करोड़ रूपये कैश, तेंदुए की खाल, सांभर, एक दर्जन से ज़्यादा काला हिरण और सांभर की खोपड़ी और सींग, वन विभाग से जुडी अत्याधुनिक विदेशी शूटिंग राइफल्स और पिस्टल्स बरामद की। इतना ही नही बड़े कंटेनर में रखे वन्य जीवो के का 117 किलो मांस भी बरामद किया ।बताते चलें कि रिटायर्ड कर्नल देवेन्द्र कुमार अपनी पत्नी संगीता कुमार और अपने पुत्र प्रशांत बिशनोई उर्फ पाशा जो कि राष्ट्रीय शूटर भी है के साथ रहते हैं। टीम के आने से पहले ही कर्नल का आरोपी बेटा प्रशांत बिश्नोई फरार हो गया।

मेरठ निगम बैठक में वंदे मातरम पर 'दंगल', दोनों पक्ष अड़े

मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के नगर निगम बोर्ड की बैठक में वंदेमातरम को लेकर शुरु विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. भाजपा से जुड़े महापौर ने जहां राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है, तो विपक्षी पार्षद किसी भी कीमत पर वंदेमातरम नहीं बोलने पर अड़े हुए हैं. नगर निगम बोर्ड की बैठक में वंदेमातरम को लेकर ताजा विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई थी जब विपक्षी मुस्लिम पार्षद वंदेमातरम गायन के दौरान सदन से उठकर बाहर चले गये थे. इस विषय को लेकर विपक्षी पाषर्दों के रुख को देखते हुए महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कल वंदेमातरम का विरोध करने वाले पाषर्दों की सदस्यता समाप्त करने और ऐसे सदस्यों को सदन में नहीं बैठने का प्रस्ताव रखा, जिसे भाजपा के सदस्यों ने पास कर दिया. भाजपा महापौर की इस कार्रवाई के बाद विपक्षी पाषर्दों द्वारा सदन के बहिष्कार के बाद तो मामले ने और भी तूल पकड़ लिया. महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने आज फिर दोहराया कहा कि वंदेमातरम का अपमान कतई सहन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कल नगर निगम बोर्ड बैठक में इस आशय का एक प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है.‘‘हम अपने निर्णय से पीछे नहीं हटें चाहे हमें जेल ही क्यों ना जाना पड़े’’ भाजपा महापौर ने सपा पाषर्दों पर राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा को छोड़ शेष सभी दलों के पार्षद वंदेमातरम को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने कहा कि वंदेमातरम नहीं बोलने वालों को हम किसी भी सूरत में नगर निगम बोर्ड की अगली बैठक में नहीं बैठने देंगे. उधर, विपक्षी पार्षद शाहिद अब्बासी ने कहा कि हमें शक की नजरों से देखा जा रहा है जबकि हम देश के लिए अपनी जान भी कुर्बान करने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने वंदेमातरम पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि हमने वंदेमातरम का विरोध नहीं किया है, हम तो अन्य लोगों की भावनाओं का आदर करते हुए उठकर चले आये थे. वहीं पार्षद दीवानजी शरीफ और अरशद उल्ला ने कहा कि वंदेमातरम को हमारा मजहब स्वीकार नहीं करता इसलिए हमें पार्षद पद से इस्तीफा देना मंजूर है लेकिन वंदेमातरम नहीं गाएंगे. इन पार्षदों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है, हम न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. यहां गौरतलब है कि वर्तमान नगर निगम बोर्ड में पिछले करीब चार साल से वंदेमातरम को लेकर विवाद खड़ा होता रहा है.

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