मेरठ: बूचड़खानों पर कार्रवाई की गाज दो बसपा नेताओं पर गिरी, कहा- हमारे पास सारे कागजात

मेरठ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद से अवैध बूचड़खानों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के दौरान मेरठ की 7 मीट प्रॉसेसिंग यूनिट्स सील कर दी गईं। इनमें से दो बूचड़खाने राजनीतिक शख्सियतों के थे। इसमें बहुजन समाज पार्टी के याकूब कुरैशी भी शामिल हैं, जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद का कार्टून बनाने वाले शख्स का सिर काट कर लाने वाले को 51 करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। दूसरे राजनीतिक शख्स है पूर्व बसपा नेता और मेरठ से सांसद रहे शाहिद अखलाक। बता दें कि कुरैशी ने साल 2006 में इनाम की घोषणा की थी, जिसकी देश और विदेश में काफी आलोचना हुई थी। साल 2015 में जब फ्रांसीसी साप्ताहिक पत्रिका चार्ली हेब्दो में पैगंबर मुहम्मद का कार्टून छपा था तो उन्होंने अपने पुराने कृत्य का बचाव किया था। हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कुरैशी मेरठ की दक्षिणी विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लडे़ थे और भारतीय जनता पार्टी के सोमेंद्र तोमर से हार गए थे। वहीं कुरैशी और अखलाक दोनों का दावा है कि उनके पास उचित कागजात होते हुए भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। कुरैशी ने प्रशासनिक कार्रवाई को अतिवाद बताते हुए कहा कि इससे शहर में बड़ी बेरोजगारी पैदा हो जाएगी। हमें कोई दिक्कत नहीं है कि अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई की जा रही है, कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन हमारे बूचड़खाने वैध हैं। कुरैशी ने कहा कि इस कदम से गरीब लोगों को काफी दिक्कत होगी, वो बेरोजगार हो जाएंगे। दूसरी ओर अखलाक को कहना है कि मेरे मालिकाना हक में जो भी मीट प्रॉसेसिंग यूनिट है सभी के कागजात हैं। प्रशासन हमारे बूचड़खानों को बंद करने का कारण खोज रहा है। जब उन्हें कुछ नहीं मिला तो उन्होंने कह दिया कि हमारी यूनिट की एक बिल्डिंग मेरठ विकास प्राधिकरण के नियमानुसार नहीं बना है। अगर हमारी बिल्डिंग नियमानुसार नहीं थी, तो हमें नोटिस दी जानी थी।

दूल्हे को देख दुल्हन ने किया शादी से इंकार, बारात को बनाया बंधक, साजिश फेल

मेरठ टीपीनगर क्षेत्र में बुधवार को आई एक बारात में बखेड़ा हो गया। दुल्हन पक्ष ने दूल्हे को नेत्रहीन बताकर शादी से इंकार कर दिया। आरोप लगाया कि दूल्हा बदल दिया गया है। गुस्साए वधू पक्ष ने बारात बंधक बना ली। पुलिस और गण्यमान्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद वर पक्ष द्वारा शादी में खर्च हुए चार लाख रुपये लौटाना तय हुआ। बृहस्पतिवार तक रुपयों की व्यवस्था के लिए दूल्हे के पिता समेत दो लोगों को छोड़ा गया। पुलिस के अनुसार यह बारात खरखौदा से टीपी नगर की एक धर्मशाला में सुबह 11 बजे पहुंची थी। दूल्हे को काला चश्मा लगाए देख लड़की वालों को शक हुआ। लेकिन उन्होंने इसे शौकिया समझा। आरती की रस्म के वक्त दूल्हा खंभे से टकराया तो उसका चश्मा गिर गया। लेकिन जयमाला के बाद उसकी पोल खुल गई। वधू पक्ष ने आरोप लगाया कि लड़के वालों ने दूल्हा बदल दिया है। उन्होंने जब रिश्ता तय किया था तो लड़का दूसरा था। दूल्हा बनकर आया युवक वो नहीं है। उन्होंने दूल्हे को नेत्रहीन बताकर धोखेबाजी का आरोप लगाकर बारात बंधक बना ली। सूचना पर टीपी नगर पुलिस, वार्ड पार्षद कैलाश और गण्यमान्य लोग पहुंच गए। वधू पक्ष ने शादी का सामान देने और दावत आदि में उनके करीब साढे़ चार लाख खर्च होना बताए। यह रकम लौटाने के बाद ही बारात लौटाने की बात कही। रात करीब 10:30 बजे समझौता हुआ।

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