किसान सभा ने मुआवजे की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

ठाकुरद्वारा। उत्तर प्रदेश किसान सभा के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के किसानों की बर्बाद फसलों के मुआवजे में राजनैतिक दखल अंदाजी के आरोप लगाते हुए केन्द्र व प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। इस दौरान उत्तर प्रदेश किसान सभा ने मुख्यमंत्री व राष्ट्र्रपति को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपे है।सोमवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पर जमकर नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्र्रपति व प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी राजेश्वर ंिसह को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है ंकि अतिवृष्टि ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल की बर्वादी पर प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार ने किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की थी परन्तु तहसील के 1/5 भाग किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि तहसील के कर्मचारियों ने मुआवजे को लूट का साधन बना लिया है और किसानों को धोखाधड़ी कर लूट रहें है। ज्ञापन मे यह भी आरोप लगाये गए है कि तहसील क्षेत्र में मुआवजे के नाम पर नाजनिति की जा रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि गेहूं की बर्वाद फसलों के मुआवजे का अभिलम्ब भुगतान हो और उसमें भ्रष्टाचार करने वालों कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायें। मुआवजे में राजनैतिक हस्तक्षेप को बंद किया जायें। चीनी मिलों स किसानों को गन्ने की बकाया धन राशि का भुगतान कराया जायें। कृषि कार्यों के लिए मुफ्त विजली उपलब्ध करायी जायें तथा गन्ना मिलों को दिये गए 6 हजार करोड़ रूपये के बिना ब्याज कर्ज की भांति किसानो को भी कृषि हेतु बिना ब्याज के कर्ज दिये जाये और पुराने कर्ज माफ किए जायें। इस दौरान धरने को कामरेड नफीसुद्दीन चौधरी, बलवीर शरण रस्तोगी, भगवानदास शर्मा, रामपाल सिंह, करन सिंह, डॉ0 मौ0 शहीद, अतीक अहमद, गुलशेर अली आदि द्वारा सम्बोधित किया गया। धरने में तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों के सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

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