मिल मालिक की गिरफ्तारी या भुगतान पर अड़े किसान

बिलारी। एसडीएम कार्यालय के सामने चल रहे भारतीय किसान यूनियन असली के धरने पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसानों की महापंचायत हुई, जिसमें समस्याओं पर चर्चा करते हुए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से समस्याओं का जबाव मांगा गया। गन्ना भुगतान न होने तथा मिल मालिक की गिरफ्तारी का कोई स्पष्ट जबाव न मिलने पर किसान भड़क गये और नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर कोतवाली पहुंच गये। जहां एसडीएम संतोष बहादुर सिंह,सीओ डीके शर्मा, की मौजूदगी में कोतवाली प्रभारी तेजेन्द्र सिंह यादव ने टीम बनाकर शांति भंग करने पर भाकियू असली के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष चौ. हरपाल सिंह, राष्ट्र्रीय महासचिव चौ. महक सिंह सहित लगभग 350 किसानों को गिरफ्तार किया जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।धरने पर वक्ताओं ने किसानों की समस्या के बारे में बताते हुए मांग की कि आरबीआई के नियमानुसार 1 लाख से कम लोन पर किसान की जमीन बंधक नहीं बनायी जाये, फसल का मुआवजा बिना पक्षपात के दिया जाये, कटौती मुक्त विद्युतापूर्ति दी जाये, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार गन्ना भुगतान न करने वाले मिल मालिक को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाये। इन मांगों पर एसडीएम ने कहा कि मुआवजा जल्द मिलेगा, बिजली भी सुचारू होगी और एक लाख रूपये से कम के लोन पर जो जमीनें तहसील में बंधक है, उन्हें मुक्त किया जायेगा। किसानों द्वारा मिल मालिक की गिरफ्तारी का प्रशासन कोई ठोस जबाव नहंीं दे सका। हालाकि सीओ दिनेश कुमार शर्मा ने कहा कि किसानो का भुगतान न करने पर मिल मालिक की गिरफ्तारी की जायेगी, मिल मालिक के खिलाफ मुकदमा कायम है, गिरफ्तारी को दो जिले की और एक स्थानीय पुलिस की टीमें बना दी गयी हैं। यह टीमें एसपी देहात के निर्देशों पर काम कर रही हैं। सीओ ने किसानों को भरोसा दिलाया कि दस दिन के अन्दर या तो किसानों का समूचा भुगतान हो जायेगा या मिल मालिक जेल में जायेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो एसडीओ कार्यालय की तालाबंदी कर दी जायेगी। किसानों द्वारा गिरफ्तारी दिये जाने के ऐलान पर पुलिस सक्रिय हो गयी, पुलिस द्वारा तहसील में ही किसानों को रोकने का प्रयास किया गया लेकिन किसान जुलूस के रूप में सैकड़ों किसान नारेबाजी करते हुए कोतवाली पहुंच गये। जहां सभी को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया गया, बाद में उन्हें रिहा भी कर दिया गया। किसानों का कहना है कि भुगतान न होने तथा मिल मालिक की गिरफ्तारी न होने पर आरपार का सघंर्ष किया जायेगा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे। राष्ट्र्रीय महासचिव चौ. महक सिंह ने बताया कि यदि दस दिनों के भीतर गन्ना भुगतान या मिल मालिक की गिरफ्तारी नहीं हुई तो किसान आगामी 28 अगस्त को पशुधन के साथ कोतवाली का घेराव करेगें और गिरफ्तारी देगें। बताया कि केन्द्र व प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों को घर-घर जाकर बताया जायेगा। जिसके लिए भाकियू असली ने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी है।

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