अब ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई युवती को टैक्सी से उतारकर पीटा

ग्रेटर नोएडा: यूपी के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को भी नाइजीरिया की लड़की पर कथित तौर पर थप्पड़ मारा गया है. यह घटना एलस्टोनिया अवार्टमेंट के पास घटी. इससे पूर्व इसी इलाके में 4 लड़कों पर हमले की खबरें सामने आई थीं. इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्य सरकार से बात की है, जिसके बाद उचित जांच कराने की बात सामने आई. पुलिस प्रशासन मामले में पूरी तरह मुस्तैद दिखा. बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने इन लड़कों को इस आरोप में पीटा गया कि नाइजीरियाई छात्रों की वजह से इलाके में ड्रग्स का कारोबार बढ़ा है और इसी से एक छात्र की मौत हुई है. इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. अफ्रीकी मूल के लोगों पर हमले का यह पहला या इकलौता मामला नहीं है दिल्ली में अफ्रीकी लोगों पर हो रहे हमले को लेकर पिछले साल छात्रों के एक ग्रुप ने जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन किया था. मई 2016, साउथ दिल्ली के वसंत कुंज के पास स्थित किशनगढ़ गांव में कांगो का एक युवक एम टी ओलीवा मारा गया. स्थानीय लोगों से किसी बात पर झगड़ा हुआ. 20 मीटर दौड़ा कर एक ग्रुप ने उन्हें पत्थरों से बुरी तरह पीटा जिससे उनकी जान चली गई. मई 2016 दक्षिण दिल्ली के राजपुर खुर्द गांव में एक दर्जन अफ्रीकी लोगों पर हमला हुआ. 4 पुरुष और दो औरतें घायल. स्थानीय लोगों ने रहन-सहन के ढंग पर की थी आपत्ति अक्तूबर 2014 को राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर एक मॉब ने कुछ अफ्रीकी छात्रों पर हमला बोल दिया. सीसीटीवी कैमरे के मुताबिक- 3 छात्रों के साथ मारपीट हुई. कोई मदद के लिए सामने नहीं आया. बाद में एक CISF जवान ने भीड़ को हटाया..जनवरी 2014 को दिल्ली के खिड़की एक्सटेंशन में हमला हुआ जहां काफी अफ्रीकी समुदाय के लोग रहते हैं. AAP MLA सोमनाथ भारती की अगुवाई में एक भीड़ ने अफ्रीकी मूल की महिला पर हमला किया. शिकायत थी कि यहां सेक्स और ड्रग रैकेट चलता है. 2 नाइजीरियाई और 2 युगांडा की महिलाओं को भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ मारपीट की.

योगी सरकार बनने के बाद बदल रहा है सरकारी कार्यालयों का माहौल

नोएडा यूपी सरकार के बदलाव के बाद अफसरों स्वयं भी अपने आप को बदलना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिन से लगातार विभागों में आपस में चर्चा करके अफसरों ने शालीनता से कार्य करने में गति लानी शुरू कर दी है। इससे शिकायत लेकर जाने वाले फरियादियों को भी सुकुन मिल रहा है।दरअसल, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के बनने के बाद पूरे प्रदेश में ही सरकारी कार्यालयों में माहौल बदलने लगा है। इसी कड़ी में गौतमबुद्घनगर के सरकारी अफसरों ने अपने विभागों में सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सोमवार से जिले के अधिकतर विभागों में अफसर सुबह 10 बजे से पहले ही आफिसरों में पहुंचने लगे हैं और काम करना शुरू कर दिया है। जबकि चंद दिन पूर्व तक अफसरों द्वारा देरी से अफसर पहुंचते थे और फरियादियों की शिकायत भी सुन रहे हैं। जबकि विभागों में उक्त अफसर ही योगी के मुख्यमंत्री बनने से पहले न तो आफिस में मिलते थे और नहीं कार्य करते थे। फरियादी राजकिशोर का कहना है कि वह 48 सेक्टर में रहते थे और बिजली संबंधी समस्या को लेकर कई बार अफसरों से मिले। मगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के बनने के बाद से अफसरों के काम करने में बदलाव आया है। सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि सुबह 10 बजे अपने आफिस में पहुंचे और काम करें तथा फरियादियों की सही से बात सुनकर उनकी समस्या का समाधान करें। साथ ही व्यवहार में भी बदलाव लाए। यदि देरी से पहुंचने की या कोई और शिकायत मिली तो कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

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