साक्षात्कार को दूसरे दिन भी उमड़ी आवेदकों की भीड़

फहीम कुरैशी/रामपुर। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत संविधा पर नियुक्ति हेतु 186 पदों के लिए सीएमओ कार्यालय पर शुक्रवार से चल रहे साक्षात्कार के चलते दूसरे दिन भी दूर-दूर से आएं महिला-पुरुष आवेदक साक्षात्कार देने सीएमओ कार्यालय पहुंचे। नेशनल हेल्थ मिशन संविधा नियुक्ति के 186 पदों के लिए मांगे आवेदन के चलते लगभग पांच हज़ार महिला-पुरुष ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन पत्रों की जांच के बाद पात्र अपात्र की छटनी के पश्चात 22 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलने वाले साक्षात्कार के लिए आवेदकों को सूचि सूचना पट पर चस्पा कर दी गई थी। शनिवार को साक्षात्कार प्रक्रिया के दूसरे दिन रामपुर के अलावा मुरादाबाद बिजनोर चन्दौसी संभल सहित जनपदों से सैकड़ों की तादात में महिला-पुरुष आवेदक साक्षात्कार देने पहुंचे और शनिवार सुबह से ही सीएमओ कार्यालय पर भीड़ नजऱ आ रही थी। साक्षात्कार के समय सीएमओ की ओर से कोई सही व्यवस्था नहीं की गई थी और आवेदक इस तपती धूप गर्मी में पानी को तरसते रहे, टॉयलेट गंदे थे और कोई सफाई नजऱ नहीं आई, ऐसा लगता है कि साक्षात्कार केवल खानापूर्ति के लिए किए जा रहे हैं। साक्षात्कार कमेटी में सीएमओ डॉ. शंकर लाल सारस्वत, डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश गंगवार, डॉ. अशरफ, सीएमएस महिला डॉ. ज्योत्सना पंत, डॉ. रामजी लाल वगैरह ने आवेदकों का साक्षात्कार लिया।

सिपाही को अवैध वसूली करनी पड़ी महंगी

बिलासपुर, अ.हि.ब्यूरो। कोतवाली में एक लंबे समय तक तैनाती के समय नगर के मेन चौराहे पर ड्यूटी होने के उपरांत आने-जाने वाले वाहनों से अवैध वसूली करने में चर्चा में रहे। सिपाही हुरबिन्द्र सिंह ने साढ़े तीन साल तक जमकर पैसा कमाया, पर अब 20 दिन पूर्व उसका ट्रांसफर रामपुर कोतवाली सिविल लाइन कोतवाली हो गया है पर फिर भी अपनी पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए प्रतिदिन सुबह पांच बजे से आठ बजे तक आने-जाने वाले वाहनों से अब भी अवैध वसूली करता देखा जाता है। 23 अप्रैल की सुबह साढ़े सात बजे बिलासपुर में अहरो अड्डे पर लकड़ी से लदी ट्रालियां को रोककर दबंगी के साथ धमकाकर वसूली कर रहा था कि इतने में उधर से समाजसेवी दैनिक अवाम-ए-हिन्द के ब्यूरो मौ. यासीन आ गए और उससे पूछा कि आपकी पोस्टिंग कहा है, यह सुनकर वह सकपका गया और कुछ सही जवाब नहीं दे सका और वहां से भागने का प्रयास करने लगा, इतने में आसपास के दुकानदारों व राहगीरो की भीड़ एकत्र हो गई, जिन्होंने उसका घेराव करके उसको खूब खरी-खोटी सुनाई, जब पत्रकार ने उसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करने कहा तो वह हाथ जोड़कर नौकरी का वास्ता देकर गिड़गिड़ाने लगा कि साहब एक बार माफ कर दो, अब ऐसा नहीं होगा। तब जाकर मामला शांत हुआ।
तब ही फोन पर सूचना कोतवाल सिविल लाइन को दी और बिलासपुर कोतवाल गणेश दत्त जोशी को भी भ्रष्टाचारी सिपाही के बारे में अवगत कराया तो उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट देने और विभागी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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