पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

मिलक। आलियागंज प्रकरण पर बसपाई ने एसपी आवास का घेराव कर चमरौवा के विधायक युसूफ अली के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पीडि़त परिवारों को मुआवजा दिलाने और अजीम नगर एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और साथ ही कार्रवाई न होने पर आंदोलन की मांग की है। आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट की व महिलाओं को भी नहीं बख्शा। हाईकोर्ट से मिले स्टे की कॉपी दिखलाने के बाद भी नहीं माने और लाठी चलाने लगे। विधायक के धरना देने की जानकारी पाते ही रामपुर की एसपी साधना गोस्वामी मौके पर पहुंची। एसपी को ज्ञापन देकर एसओ अजीम नगर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने बसपाइयों को आवश्यक करने का आश्वासन दिया व किसी तरह बसपाइयों को शांति किया। इस मौके पर मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सागर, डॉ. तनवीर अहमद, शांति प्रसाद सागर आदि मौजूद रहे।

विधवा की हत्या के मामले में तीसरे दिन भी खुलासा नहीं

टांडा/रामपुर, अ.हि.ब्यूरो। क्षेत्र के ग्राम चक गजरौला में बुधवार की रात हुई विधवा की हत्या के मामले का पुलिस तीसरे दिन भी खुलासा नहीं कर पाई है। मृतका के पुत्र की तहरीर के आधार पर दर्ज हत्या के मुकदमे में नामजद एक आरोपी गुड्डू अभी भी पुलिस हिरासत में है। पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने हिरासत में लिए आरोपी का अभी तक चालान नहीं किया है। दरअसल पुलिस प्राकृतिक न्याय के इस सिद्धांत पर अमल कर रही है कि भले ही कई कुसूरवार छूट जाएं परंतु किसी एक भी निर्दोष को सजा न होने पाए। यही कारण है कि पुलिस अत्यंत गहनता के साथ घटना के विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि घटना का शीघ्र ही सही तौर पर खुलासा कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि क्षेत्र के ग्राम चक गजरौला में बुधवार की रात विधवा उर्मिला की हत्या कर दी गई थी। उक्त घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के बड़े पुत्र कुलवंत सिंह उर्फ की तहरीर के आधार पर गांव के ही गुड्डू उसके भाई राकेश व पिता कल्लू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले के मुख्य आरोपी गुड्डू को हिरासत में ले लिया। जिसका तीसरा दिन भी पुलिस चालान नहीं कर सकी है और पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है। विधवा की हत्या को लेकर गांव में विभिन्न चर्चाएं हैं। गांववालों का कहना है कि विधवा उर्मिला के गुड्डू से अवैध संबंध थे। जिसको लेकर दोनों के परिवारों के बीच रंजिश चली आ रही थी। वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मृतका के नाम लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि थी। मृतका और उसके बड़े पुत्र कुलवंत के बीच जमीन को लेकर भी कई बार विवाद हुआ था और बात थाने पुलिस तक पहुंची थी। दरअसल यही कारण है कि पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी गुड्डू का जल्दबाजी में चालान नहीं करना चाहती, वह घटना के सभी पहलुओं पर बहुत बारीकी से जांच कर रही है और पुलिस का मानना है कि जल्दबाजी में किसी बेकुसूर को जेल नहीं होनी चाहिए। थानाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि घटना का शीघ्र ही सही तौर पर खुलासा कर असल दोषियों को जेल भेजा जाएगा।

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