यूपी पुलिस ने घायलों को नहीं पहुंचाया अस्पताल, कहा- गाड़ी गंदी हो जाएगी

सहारनपुर: जिले के नगर कोतवाली इलाके से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने यूपी पुलिस के ''मित्र पुलिस'' होने के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है. दो नाबालिगों की जान पुलिस के इस अमानवीय चेहरे के कारण चली गई. अब पुलिस की बेरहमी का वीडियो वायरल हो रहा है. दो नाबालिग युवक रात के वक्त बाइक से जा रहे थे कि अचानक नाले में जा गिरे. घटना में उन्हें बहुत अधिक चोटें आईं. इस एक्सीडेंट की आवाज इतनी तेज थी कि आस पास के लोग घरों से निकल आए और दौड़ कर मौके पर पहुंचे. पहले तो पुलिसवालों ने घायलों को नाले से बाहर नहीं निकाला. नागरिकों ने जब घायलों को बाहर निकाला तो पुलिस ने उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया. मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने कहा कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी. लोग पुलिसवालों के सामने गिड़गिड़ाते रहे और कुछ लोग वीडियो भी बनाते रहे. पुलिसवाले तैयार नहीं हुए तो लोग घायलों को लेकर टेंपो से अस्पताल पहुंचे लेकिन इलाज में देरी ने घायलों की जान ले ली. इस पूरी घटना का वीडियो अब वायरल हो रहा है. एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि यह घटना गंभीर है. वह वीडियो को देख रहे हैं और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस और हर आम आदमी का पहला कर्तव्य है कि वह घायलों को अस्पताल पहुंचाए. सहारनपुर: जिले के नगर कोतवाली इलाके से एक ऐसा वाकया सामने आया है जिसने यूपी पुलिस के ''मित्र पुलिस'' होने के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है. दो नाबालिगों की जान पुलिस के इस अमानवीय चेहरे के कारण चली गई. अब पुलिस की बेरहमी का वीडियो वायरल हो रहा है.आसपास के लोगों ने तुरन्त ही इन दोनों किशोरों को नाले से बाहर निकाला तो वे खून से लथपथ थे. लोगों ने डायल 100 को सूचित किया. लोगों ने बताया कि डायल 100 पर तैनात पुलिसकर्मियो ने घायल किशोरों को अपनी गाडी मे बैठाकर अस्पताल ले जाने से मना कर दिया. बाद में दोनों घायलों को टैम्पो के माध्यम से अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.

तीन तलाक बिल नहीं सुहाया देवबंदी महिलाओं को

मुस्लिम महिलाओं ने तोड़ी तीन तलाक की बेड़ियां : मोदी सहारनपुर सहारनपुर के देवबंद में तीन तलाक पर केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित किए गए बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर स्वीकार करने को तैयार नहीं है। रविवार को तीसरे दिन भी मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं मांगी। रविवार को मोहल्ला पठानपुरा स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया लिलबनात में मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक पर पारित बिल का विरोध किया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को मुस्लिम विरोधी बताते हुए इसे राज्यसभा में पास नहीं होने देने की मांग की। संस्था की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि तीन तलाक को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में जो बिल पेश किया है, उसमें बहुत सी खामियां हैं। जिन्हें दूर करने के लिए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा था। लेकिन मुस्लिम तंजीमों के विरोध और पर्सनल लॉ बोर्ड की सिफारिश को दरकिनार कर सरकार ने जल्दबाजी में इसे पेश कर दिया। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और दारुल उलूम के साथ हैं। जो महिलाएं इसका समर्थन कर रही हैं, उन्हें शरीयत और इस्लाम के बारे में जानकारी नहीं है। जैनब अरशी ने कहा कि जो महिलाएं इसके समर्थन में खड़ी हैं, वे नहीं जानती की उन्हें इससे कितना नुकसान होने वाला है। साथ ही इससे उनके बच्चों पर भी गलत असर पड़ेगा। कार्यक्रम में महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि के लिए दुआएं भी मांगी। इस मौके पर समरीन, गुलअफशा, फरहाना, शबनूर, सफ्फाना, सुमैय्या, फरहीन, आयशा खातून, सुमेरा, असमा आदि मौजूद रहीं।

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