सहारनपुर हिंसा में 3 एफआईआर दर्ज, 24 गिरफ्तार, मुआवजे का हुआ ऐलान

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंगलवार को राजपूत और दलितों के बीच हिंसा के बाद अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. आज एक आदमी को गोली मार दी गई है. मंगलवार को भी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे. हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे चार वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण, पर नियंत्रण में है. मामले में अभी तक 24 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. दलितों और राजपूतों के बीच 3 हफ्तों में चौथी बार हिंसा मंगलवार के भड़क उठी, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए. कई घरों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई. बीएसपी अध्यक्ष मायावती की रैली के बाद लौट रहे दलितों की गाड़ी पर भी हमला किया गया. ताजा हिंसा के लिए बीजेपी ने मायावती को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस बीच गृह सचिव आईजी एसटीएफ समेत कई बड़े अधिकारियों को सहारनपुर भेजा गया है. यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं. वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे संबंधित अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.

अखिलेश के विकास रथ को टक्कर देने के लिए बीजेपी का परिवर्तन रथ तैयार

नई दिल्ली,सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के विकास रथ को टक्कर देने के लिए भारतीय जनता पार्टी का परिवर्तन रथ तैयार है। आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहारनपुर से परिवर्तन रथ को हरी झंडी दिखाने जा रहे हैं। परिवर्तन यात्रा के लिए तैयार चार रथों पर कई नारे लिखे हैं। इन नारों से बीजेपी ने एक साथ एसपी और बीएसपी पर निशाना साधने की कोशिश की है। साथ ही जनता को यह संदेश देने की भी कोशिश है कि बीजेपी का एजेंडा सिर्फ विकास है।
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा था कि नाउम्मीद यूपी को उम्मीद का प्रदेश बनाएंगे। यूपी में अब तक एसपी और बीएसपी ने खेल बना रखा था। एक बार एसपी और एक बार बीएसपी। अब प्रदेश में यह समाप्त होगा और यूपी भी विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। बीजेपी ने यूपी में चार परिवर्तन यात्राएं निकालने की योजना बनाई है। पहली यात्रा आज सहारनपुर से रवाना होगी। दूसरी यात्रा की शुरुआत 6 नवंबर को झांसी से होगी। तीसरी यात्रा 8 नवंबर को रॉबर्ट्सगंज से तो चौथी यात्रा 9 नवंबर को बलिया से शुरू होगी। इन यात्राओं में 17 हजार किलोमीटर का सफर किया जाएगा। यात्रा के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की 30 बड़ी सभाएं भी होंगी। सभी 75 जिला मुख्यालयों पर परिवर्तन सभाएं भी होंगी। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के मुताबिक अखिलेश के रथ यात्रा को लोहिया जी ने धिक्कारा है।
तभी उनकी यात्रा शुरू होने से पहले ही लोहिया द्वार पर समाप्त हो गई। इतना ही नहीं मौर्य ने अखिलेश को सैफई परिवार का आखिरी शासक तक कह डाला। बीजेपी की चारों परिवर्तन यात्राएं 24 दिसंबर को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी रैली के साथ खत्म होगी। हालांकि इन यात्राओं के दौरान भी प्रधानमंत्री 6 बड़ी सभाओं को संबोधित करेंगे। रथ पर लगी तस्वीरों से साफ है कि बीजेपी जनता को संदेश देना चाहती है कि पार्टी उत्तर प्रदेश में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने जा रही है। रहा मुख्यमंत्री पद के चेहरे का सवाल तो पार्टी ने इसका फैसला सही वक्त के लिए छोड़ रखा है। बीजेपी नेता श्रीकांत शर्मा के मुताबिक, यूपी को सुशासन और विकास की जरूरत है। यूपी की जनता अपराध और परिवारवाद से मुक्ति चाहती है। इन सब से मुक्ति सिर्फ बीजेपी ही दे सकती है। 2014 में मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को यूपी में बड़ी सफलता मिली थी। अब यूपी विधासनभा चुनाव में भी पार्टी इसी भरोसे के साथ उतरती दिख रही है। स्थानीय नेताओं में जोश बना रहे इसलिए प्रदेश के बड़े चेहरों को भी रथ पर जगह दी गई है। 265 प्लस का लक्ष्य लेकर चल रही बीजेपी की ये परिवर्तन यात्रा कितनी सीट दिला पाएगी, ये चुनाव के नतीजे बताएंगे।
पार्टी ने अपने राष्ट्रीय नेताओं की 30 रैलियों की योजना बनाई है. उमा भारती भी छह रैलियों को संबोधित करेंगी. चार यात्राओं का समापन 24 दिसंबर को लखनऊ में होगा. इससे पहले यह 17000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. दूसरी परिवर्तन यात्रा छह नवंबर को झांसी से शुरू होगी. तीसरी यात्रा आठ नवंबर को सोनभद्र से और चौथी नौ नवंबर को बलिया से शुरू होगी. सभी चार यात्राओं की शुरूआत के मौके पर शाह और मिश्रा उपस्थित रहेंगे, वहीं राजनाथ सिंह सहारनपुर को छोड़कर बाकी तीन जगहों पर मौजूद रहेंगे. यात्राओं के केंद्र में लोगों की सहभागिता और विकास मुख्य बिंदु होंगे. इसमें पंचायत से संसद तक के सदस्य भाग लेंगे.

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