सहारनपुर हिंसा: भाजपा सांसद के भाई पर शिकंजा, 6 के खिलाफ गैर जमानती वारंट

सहारनपुर उतर प्रदेश के सहारनपुर जिले में साम्प्रदायिक माहौल को खराब करने के आरोप में बीजेपी सांसद के भाई सहित छह लोगों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है. इसके साथ ही कोर्ट ने भीमा आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण सहित तीन के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया. आरोपियों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि कोर्ट ने सड़क दूधली प्रकरण के आरोप में जिन छह लोगों के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया है, उसमें बीजेपी सांसद राघवलखनपाल शर्मा के भाई राहुल लखनपाल, उनके समर्थक जितेन्द्र सचदेवा, सुमित जसुजा, अशोक भारती, भाजपा महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा शामिल हैं. एसएसपी ने बताया कि सांसद के भाई समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है. इस कार्यवाही के बाद से ही सभी आरोपी भूमिगत हैं. बताते चलें कि 20 अप्रैल को हुए दुधली प्रकरण में बाबा साहेब की शोभायात्रा के दौरान हुई साम्प्रदायिक हिंसा में सांसद भी आरोपी है, लेकिन अभी तक पुलिस ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट नहीं लिया है. सहारनपुर में थाना बडगांव के अन्तर्गत ग्राम शब्बीरपुर को लेकर तरह-तरह के भ्रामक और फर्जी पोस्ट डालने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ थाना सदर बाजार में एक मामला दर्ज किया है. सतपाल तंवर नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर भ्रामक प्रचार करते हुए दलितों को आर्थिक सहायता देने के नाम पर धन एकत्र करने का प्रयास किया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि आरोपी शख्स के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है. पुलिस उक्त व्यक्ति की तलाश भी कर रही है. उक्त व्यक्ति ने मनोज रानी के नाम से खाता खुलवाया है. उधर, डीआईजी सहारनपुर ने भीम आर्मी के संस्थापक चन्द्रशेखर, मंजीत और कमल वालिया पर 12-12 हजार का इनाम घोषित किया है. पुलिस ने यहां दलित संगठन भीम सेना द्वारा वसूले जा रहे चंदे के लिए एक कैंप को हटा दिया. पड़ोस के सहारनपुर में हाल में अंतरजातीय झड़पों में कथित भूमिका के लिए संगठन जांच के घेरे में है. अधिकारियों ने बताया कि समूह के कार्यकर्ताओं ने शुक्रताल में मेले में एक कैंप लगाया जिसे पुलिस ने हटा दिया है. इसके साथ ही उन्हें चेतावनी भी दी गई है. पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विनीत भटनागर ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने इश्तहार भी बांटे और लोगों से यहां राठेरी गांव में 14 जून को संगठन द्वारा आयोजित एक पंचायत में भागीदारी करने की अपील की है. संगठन के कार्यकर्ताओं ने पैसे वसूलने के लिए कैंप लगाया और सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चंदे के लिए रखे बक्से हटा दिए हैं.

सहारनपुर हिंसा में 3 एफआईआर दर्ज, 24 गिरफ्तार, मुआवजे का हुआ ऐलान

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंगलवार को राजपूत और दलितों के बीच हिंसा के बाद अब भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. आज एक आदमी को गोली मार दी गई है. मंगलवार को भी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए थे. हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे चार वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण, पर नियंत्रण में है. मामले में अभी तक 24 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. दलितों और राजपूतों के बीच 3 हफ्तों में चौथी बार हिंसा मंगलवार के भड़क उठी, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए. कई घरों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई. बीएसपी अध्यक्ष मायावती की रैली के बाद लौट रहे दलितों की गाड़ी पर भी हमला किया गया. ताजा हिंसा के लिए बीजेपी ने मायावती को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस बीच गृह सचिव आईजी एसटीएफ समेत कई बड़े अधिकारियों को सहारनपुर भेजा गया है. यूपी के मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस पर कहा कि सहारनपुर में अमन और शांति कायम हो गई थी. मायावती अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने गईं. वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सहारनपुर में घटी घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना में मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्ह्ति कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में जो लापरवाही घटित हुई है, उससे संबंधित अधिकारियों को दंडित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है. जाति, पंथ, मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.

София plus.google.com/102831918332158008841 EMSIEN-3