चकबन्दी कर्मियो की एक के बाद एक करतूत उजागर

अ.हि.ब्यूरो, बहजोई। करीब एक एकड रकवा कम पाए जाने पर चकबन्दी कर्मियो ने एक सैक्टर की पैमाइश अनिश्चत काल के लिए रोक दी है। जबकि दूसरे सैक्टर की पैमाइशके पहले दिन ही एक मैंथा फैक्ट्री की जमीन दूसरे किसान को देने पर विवाद हो गया। मामला सम्भल तहसील के पंवासा गांव का है। किसान मजदूर संगठन और चकबन्दी अधिकारियो के बीच प्रक्रिया को लेकर तनातनी चल रही थी। कि इस बीच चकबन्दी कर्मियो ने पंवासा में पैमाइश कर कब्जा परिवर्तन कराना शुरू कर दिया। यहां अभी सैक्टर की आधी जमीन की पैमाइश भी नही हो सकी थी कि सिर मुडाते ही ओले पडे वाली कहावत चरितार्थ हो गई। हुआ यह कि चकबन्दी अधिकारियो ने जो सैक्टर बनाया उसमें एक एकड जमीन का रकवा कम पड गया। सूत्र बताते है कि सैक्टर में कुछ सूदखोरो के बडे चक बनाने के चक्कर में चकबन्दी अधिकारी एक बडा गोता खा गए। फिलहाल रकवा होने पर सैक्टर की पैमाइश का कार्य रोक दिया गया है। यहां एक अध्यापक का निजी नलकूप भी किसी अन्य काश्तकार के हिस्से में चले जाने पर भी खासा विवाद हुआ है।

विकलांग की जमीन पर दबंगो ने किया जबरन कब्जा

अ.हि.ब्यूरो, सम्भल। असमोली क्षेत्र के अन्तर्गत रूस्तमपुर न्यावली गांव में दबंगो द्वारा विधवा और उसके विकलांग पुत्र की चार बीघा जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीढित विधवा सायरा पत्नी अच्छन ने तहरीर में कहा कि उसने अपने हिस्से की 4 बीघा जमीन गांव के ही इकबाल व अ. रशीद को बेची थी जिसपर उन्होने कब्जा कर खेतीबाडी शुरू कर दी। विधवा का आरोप है कि बेची गई जमीन के साथ साथ उक्त लोगो ने उसके विकलांग पुत्र मौहम्मद नजर को जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। शिकायती पत्र में विधवा ने कहा कि जब उसने व उसके पुत्र ने जमीन पर कब्जा करने का विरोध किया तो उपरोक्त इकबाल और अब्दुल रशीद ने साथियो के साथ विधवा के घर में घुसकर मारपीट की और अश्लील हरकतें की। विधवा ने दोषी व्यक्तियो के कब्जे से जमीन छुडाने के साथ साथ कडी कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

София plus.google.com/102831918332158008841 EMSIEN-3