अखिलेश राज में नौकरी देने में हुई जमकर वसूली, महिला बनी राजस्व निरीक्षक

लखनऊ । प्रदेश में अखिलेश यादव के राज में तमाम घोटालों के साथ ही भर्तियों में हुई धांधली के मामले भी सामने आने लगे हैं। नगर निगम में कुछ समय पहले तैनात हुई राजस्व निरीक्षक अनामिका यादव एक वायरल वीडियो में गलत तरीके से प्रतियोगी परीक्षा पास करने की बात कह रही है। लखनऊ में तैनात अनामिका यादव उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा पास करने के बाद राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात हैं। उनका वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह से हर मोड़ पर पैसे खर्च कर उन्होंने परीक्षा पास की थी। उन्होंने एक रेस्टोरेंट में सामने बैठे युवक से कहा कि मैं तो पैसे देकर राजस्व निरीक्षक बनी हूं। नौकरी के एवज में पैसे देना उत्तर प्रदेश में एक सामान्य सी बात हो गई है। पिछली सरकारों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। यहां तक कि हाईकोर्ट ने भी कुछ मामलों का संज्ञान लिया और उस भर्ती पर रोक लगा दी। इसी प्रकार का एक मामला और सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पिछली सरकार के दौरान राजस्व निरीक्षक की भर्ती पर सवालिया निशान लग गया है। कुछ समय पहले तैनात हुई राजस्व निरीक्षक अनामिका यादव का एक वीडियो वायरल हुआ है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पिछली सरकार के दौरान हुई राजस्व निरीक्षक की भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। नगर निगम में कुछ समय पहले तैनात हुई राजस्व निरीक्षक अनामिका यादव एक वायरल वीडियो में गलत तरीके से प्रतियोगी परीक्षा पास करने की बात कह रही है। उसने कहा कि उसको 2016 में हुई राजस्व निरीक्षक की परीक्षा की आंसर शीट पहले मिल गई थी। वीडियो में वह घूस देने की भी बात कह रही है। नगर आयुक्त उदयराज सिंह को इस संबंध में एक गुमनाम पत्र के जरिये कल शिकायत की गई है। जिसमें बताया गया है कि महिला का वीडियो आलमबाग के एक रेस्टोरेंट में बनाया गया था। नगर आयुक्त ने जांच अपर नगर आयुक्त नंदलाल को सौंपी है। आरोपी महिला का कहना है कि वीडियो में छेड़छाड़ की गई है। कानपुर निवासी सत्येंद्र यादव साजिशकर्ता है। वह उस पर शादी का दबाव बना रहा है। उसके खिलाफ आलमबाग थाने में तहरीर दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि अनामिका यादव पुत्री रामहेत यादव के खिलाफ शिकायत की गई है। उसका परीक्षा अनुक्रमांक 00097774 था। परीक्षा तो उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने करवाई थी। जिसके बाद में शासन की ओर से उसको नगर निगम लखनऊ में तैनाती दी गई थी।

बालिका के मस्तिष्क की जटिल सर्जरी की

अलीगढ़ । अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सकों के एक दल ने छह वर्ष की बालिका के मस्तिष्क की जटिल सर्जरी की है। यह सर्जरी न्यूरो सर्जरी विभाग में असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉक्टर रमन शर्मा द्वारा विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वीके श्रीवास्तव व एसोसिएट प्रोफेसर फखरूल हुदा की देखरेख में की गई।विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वीके श्रीवास्तव ने बताया कि छह वर्षीय बालिका इकरा जो कि ब्रेनस्टेम ग्लायोमा (मस्तिष्क गांठ) के कारण चेहरे की विषमता तथा मुख से थूक निरन्तर आने के कारण कठिन समस्या का सामना कर रही थी को परीक्षण के बाद उसका सीटी स्केन कराया गया जिसमें उसके मस्तिष्क में ब्रेन के पास एक गांठ को पाया गया। चिकित्सकों ने लगभग चार घंटे के लम्बे आपरेशन के बाद इस गांठ को सफलता पूर्वक बाहर निकाल लिया।उन्होंने बताया कि आपरेशन के बाद बालिका को वेंटीलेटर की भी आवश्यकता नहीं पड़ी हालांकि इस प्रकार की जटिल सर्जरी में रोगी को आपरेशन के बाद वेंटीलेटर की आवश्यकता पड़ती है और अक्सर उसकी जान भी चली जाती है। उन्होंने बताया कि रोगी को आपरेशन के बाद रेडियोथेरोपी दी जा रही है जिसके बाद उसे अस्पताल से डिसचार्ज कर दिया जाएगा।प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि ब्रेन स्टेम ग्लायोमा के रोगी को पलक झपने में कठिनाई के अलावा तिरछा देखने में कठिनाई होती है। इसके अलावा मरीज को घुटनों व एड़ियों में कमजोरी होने के कारण उसको चलने में भी परेशानी होती है और वह खाने को भी ठीक प्रकार से नहीं निगल पाता।इस आपरेशन में जेएन मेडीकल कॉलेज की एनेसथीसियालोजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर शहला हलीम और असिस्टेन्ट प्रोफेसर डॉक्टर उबैद अहमद सिद्दीकी के अलावा सिस्टर लिलि, सलमान और हैदर का सहयोग रहा।मेडीकल कालेज के प्रिन्सिपल एवं सीएमएस प्रोफेसर तारिक मंसर ने इस सफल सर्जरी पर चिकित्सादल के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि अब जेएन मेडीकल कॉलेज में ही रोगियों को मस्तिष्क की जटिल सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और उन्हें इसके लिए दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा।

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