6 किमी पैदल चलकर केदारनाथ पहुंचेंगे राहुल

देहरादून: कल केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देहरादून पहुंच गए हैं। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी के साथ साथ राज्य के मुख्यमंत्री हरीश रावत उनका स्वागत करने के लिए मौजूद रहे। यहां से राहुल गांधी हैलीकॉप्टर से गौरीकुंड जाएंगे इसका बाद वो अपनी केदारनाथ यात्रा के लिए निकलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के शुभमुहूर्त पर 24 अप्रैल को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी बाबा के धाम में मौजूद रहेंगे। खास बात यह है कि वे गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक का सफर पैदल ही तय करेंगे। राहुल के इस केदारनाथ दौरे के सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से कांग्रेस सरकार के सियासी हमले के तौर पर भी देखा जा रहा है। जून 2013 में उत्तराखंड में हुई जलप्रलय के दौरान गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी देवभूमि आए थे, मगर तब सेना व एनडीआरएफ द्वारा चलाए जा रहे रेश्क्यू ऑपरेशन के मद्देनजर उन्हें आपदाग्रस्त क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में नरेंद्र मोदी दो दिन तक देहरादून में ही टिके रहे। हालांकि, बाद में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का मात्र हवाई दौरा कर उन्हें वापस लौटना पड़ा। खास बात यह है कि उस वक्त नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार से केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का दायित्व गुजरात सरकार को सौंपने की पेशकश भी की थी, जिसे तत्कालीन बहुगुणा सरकार ने स्वीकार नहीं किया। दिलचस्प पहलू यह है कि नरेंद्र मोदी के लौटने के कुछ दिन बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी उत्तराखंड आए और सड़क मार्ग से होते हुए गुप्तकाशी तक भी पहुंचे। उस वक्त विपक्षी दल भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाए थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेंद्र मोदी के केदारनाथ आने की कई बार चर्चा हुई, मगर वे अब तक केदारनाथ नहीं आए। यही वजह है कि राहुल गांधी के प्रस्तावित केदारनाथ दौरे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से कांग्रेस सरकार के सियासी हमले के रूप में भी देखा जा रहा है। पर्यटन व तीर्थाटन को आपदा के सदमे से उबारने की कोशिश में जुटी राज्य सरकार ने पिछले दिनों राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को केदारनाथ आने का न्यौता भी दिया था। राष्ट्रपति का कार्यक्रम तय भी हो गया था, मगर बाद में किन्हीं वजहों से रद हो गया। राज्य सरकार केदारनाथ में बड़ी हस्ती को बुलाकर देश-दुनिया में सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश देने की कोशिश में जुटी थी। ऐसे में राहुल गांधी के केदारनाथ दौरे को राष्ट्रपति का दौरा रद होने की भरपाई के तौर पर भी देखा जा रहा है। लिंचौली में रात्रि विश्राम करने के बाद 24 अप्रैल को पैदल केदारनाथ धाम पहुंचेंगे। राहुल गांधी इस दौरान केदारनाथ में यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा भी लेंगे।

फर्जी महिला आईएएस मामले में उत्तराखंड ने भेजी केंद्र को रिपोर्ट

देहरादून,उत्तराखंड सरकार ने राज्य में पिछले सप्ताह चर्चित फर्जी महिला आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के मामले में 'आंतरिक रिपोर्ट' केंद्र सरकार को भेज दी है। एक अधिकारी ने बताया कि यह रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के प्रबंधन और मसूरी जिला प्राशसन द्वारा तैयार की गई है। एक सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट में मामले की विस्तृत रिपोर्ट है, जिसमें रूबी चौधरी नाम की एक महिला को नकली पहचान पत्रों और प्रत्यायकों के साथ आईएएस परिवीक्षार्थियों को प्रशिक्षित करने वाली उच्च सुरक्षा अकादमी में रहते पकड़ा गया था। रूबी अब पांच दिन की पुलिस रिमांड पर है। उसका आरोप है कि केरल कैडर के आईएएस अधिकारी तथा अकादमी में उपनिदेशक सौरभ जैन ने उसका यहां प्रवेश करवाया था। उसने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पर अकादमी के पुस्तकालय में उसे नौकरी दिलाने के लिए 20 लाख रुपये की रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया। इस बीच, एक स्थानीय टीवी चैनल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में अकादमी के गार्ड देव सिंह ने भी चौधरी और जैन के बीच निकटता के बारे में बताया। उसने बताया कि जैन के इशारे पर महिला को सरकारी कमरा आवंटित किया गया था। उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और इस पर भी विचार कर रही है कि उच्च सुरक्षा वाले इलाके में कैसे इतनी बड़ी सुरक्षा चूक हुई। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड सरकार के पास मामले को छिपाने की कोई वजह नहीं है। मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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