हरीश रावत की सफाई- स्टिंग ऑपरेशन झूठा, सीडी की जांच की जाए

उत्तराखंड : बागी कांग्रेस विधायकों ने जारी की स्टिंग सीडी, सीएम पर लगाया खरीदने की कोशिश का आरोप
देहरादून उत्तराखंड की राजनीति ने शनिवार को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब कांग्रेस के 9 बागी विधायकों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर विधायकों को खरीदने की कोशिश का आरोप लगाया। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन की सीडी जारी की, जिसमें पैसों के लेनदेन की बातचीत हो रही है। हालांकि इस स्टिंग की सत्यता की पुष्टि नहीं करता। इस आरोप पर सीएम हरीश रावत ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसा उनकी छवि बिगाड़ने की कोशिश के तहत किया जा रहा है और उन्हें ब्लैकमेल करने की भी कोशिश हो रही है। बाग़ी विधायकों की ओर से हरक सिंह रावत ने कहा कि हरीश रावत विधायकों को धमका रहे हैं। बाग़ी विधायकों ने जान को ख़तरा बताते हुए सुरक्षा की मांग भी की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम हरीश रावत पर एक स्टिंग जारी किया गया, जिसमें पैसे के लेनदेन की बातचीत रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री रावत ने आरोप के जवाब में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, 'नापाक गठबंधन मेरी सरकार को गिराने की कोशिश कर रहा है। मेरी सरकार लोगों के दबाव में नहीं आती।' उन्होंने स्टिंग की सत्यता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'मोदी और अमित शाह की सरकार ने यह झूठ बनाया है और मैं मीडिया से प्रार्थना करता हूं कि स्टिंग करने वालों का इतिहास को जरूर खंगालें।' इससे पहले उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस ने बाबा रामदेव पर भाजपा नेतृत्व के साथ मिलकर राज्य सरकार को गिराने का आरोप लगाया था, जबकि योग गुरू ने इसका खंडन करते हुए कहा कि राजनीतिक घटनाओं के लिए उनके बजाय राजनीतिक दलों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सीएम हरीश रावत को 28 मार्च तक बहुमत साबित करना है, लेकिन उससे पहले 26 मार्च तक बाग़ी विधायकों को स्पीकर के नोटिस का जवाब देना है, जिसमें पूछा गया है कि क्यों ना दल बदल क़ानून के तहत उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए।  दरअसल भाजपा ने दावा किया था कि 70 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को मिलाकर उसे 35 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। साथ ही पार्टी ने कहा था कि रावत सरकार अल्पमत में आ गई है। इसके बाद राज्यपाल ने सीएम रावत से 28 मार्च तक बहुमत साबित करने के लिए कहा।

राहुल पर देशद्रोह के मुकदमे से भड़के सीएम रावत

भाजपा को भुगतना पड़ेगा अंजाम
उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तराखंड के मुख्‍यमंत्री हरीश रावत ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने कहा कि राहुल गांधी के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना दुर्भाग्‍यपूर्ण है. इसके साथ ही सीएम ने कहा कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई है और इस मामले में अब प्रधानमंत्री को हस्तक्षेप करना चाहिए.  राहुल गांधी पर देशद्रोह के मुकदमे से भड़के सीएम रावत, कहा- भाजपा को भुगतना पड़ेगा अंजाम सीएम रावत ने कहा कि भाजपा देश को बांटने का काम कर रही है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा नहीं रूकी तो उसे इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे. गौरतलब है कि जेएनयू विवाद में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी समेत नौ लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है.
जनार्दन गौड़ नाम के एक वकील की शिकायत पर एक स्थानीय अदालत की ओर से दिए गए आदेश के आधार पर राहुल, केजरीवाल, येचुरी, कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और अजय माकन, भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डी राजा, जदयू महासचिव के सी त्यागी, जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और जेएनयू के छात्र उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. हैदाराबाद में एलबी नगर की साइबराबाद पुलिस उपायुक्त तफसीर इकबाल ने बताया कि यह दिल्ली के जेएनयू से जुड़ा और अदालत की ओर से भेजा गया मामला है. अदालत के निर्देश पर पुलिस ने इन सब पर आईपीसी की धारा 124 और 124 (ए) के तहत मामला दर्ज किया है.
बता दें कि इसके पहले भी इलाहाबाद के सीजेएम कोर्ट में भी राहुल और केजरीवाल के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज हुआ था. मामले में अर्जी दाखिल करने वाले को एक मार्च तक सबूत पेश करने को कहा गया था. लखनऊ सीजेएम कोर्ट में राहुल के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा करने की मांग से जुड़ी अर्जी दाखिल हुई थी.

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