राहुल के तंज से तिलमिलाई बीजेपी, स्मृति ने बताया- विफल वंशवादी, कांग्रेस ने कहा- सवाल देश पर नहीं

कांग्रेस को घमंडी बताकर राहुल ने खुद सोनिया गांधी पर उठाए हैं सवालः स्मृति इरानी नरेंद्र मोदी पर तंज का स्मृति ईरानी का पलटवार- अमेरिका जाकर अपनी मां पर ही उंगुली उठा गए राहुल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अमेरिका में दिए गए भाषण को लेकर केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने उन पर पलटवार किया है। ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसना राहुल गांधी के लिए कोई नहीं बात नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने यह स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी घमंडी हो गई थी, जिसकी वजह से चुनाव हार गई। ईरानी ने कहा , ‘राहुल गांधी ने जो भाषण दिया है, उसमें 3-4 बातें देखने को मिली। राहुल गांधी ने कहा कि साल 2012 में उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि कांग्रेस घमंडी हो गई है। शायद देश की राजनीति में यह पहला अवसर होगा कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने कांग्रेस की अध्यक्षता के ऊपर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक तंज कसा। शायद वो भूल गए थे कि साल 2012 में कांग्रेस की कमान उनकी मां सोनिया गांधी के हाथ में थीं। इस बात का उल्लेख किया गया कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस घमंडी हो गई और जिसकी वजह से वह चुनाव हार गई। यह इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक आत्म स्वीकारोक्ति है।’ साथ ही ईरानी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसना राहुल गांधी के लिए कोई नई बात नहीं है। लेकिन ये भी अपने आप में उनकी असफल रणनीति का प्रतीक है, देश में जिस राजनीतिक पार्टी का नेतृत्व करते हैं, उसे देश के नागरिकों द्वारा उनके इस कथन का समर्थन प्राप्त नहीं होने के बाद अब वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पीड़ा को व्यक्त कर रहे हैं। लेकिन वे फिर भूल गए हैं कि मतदाता तो भारतीय नागरिक ही हैं और उन्होंने अपने वोट के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में साल 2014 में अपना विश्वास व्यक्त किया था।’ राहुल ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में युवा छात्रों के साथ संवाद करते हुए कहा था कि हमारे देश में परिवारवादी ही सब कुछ चलाते हैं। इस पर भी स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। ईरानी ने कहा, ‘ये भी उचित होगा कि आज जब विदेश में राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान तो ऐसा ही है कि वंशवादी ही सब कुछ चलाते हैं। शायद वो भूल गए कि आजाद हिंदुस्तान में आज कई ऐसे नागरिक हैं, जो कई क्षेत्रों में अपनी ओर से योगदान देते हैं लेकिन उनकी कोई राजनीतिक पहचान नहीं है। प्रधानमंत्री खुद एक सामान्य गांव से आते हैं, गरीब परिवार में जन्में हैं, भारत के राष्ट्रपति एक दलित परिवार से ताल्लुक रखते हैं उपराष्ट्रपति किसान के बेटे हैं और संघर्ष के बाद उन्हें ये दायित्व प्राप्त हुआ है।’ बता दें, राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि अपने मंत्रियों और सांसदों की सलाह नहीं लेते हैं, ऐसा उन्हें भाजपा के लोगों ने बताया है। इसके साथ ही कई अन्य मुद्दों पर भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था।

हमें जेपी ग्रुप से घर खरीदने वालों की चिंता, कंपनी बंगाल की खाड़ी में डूबती है तो डूबे-एससी

जेपी इंफ्राटेक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि हमें पहले कंपनी से घर खरीदने वालों की चिंता है। कंपनी अगर बंगाल की खाड़ी में डूबती है तो डूब जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने जेपी ग्रुप को आदेश दिया है कि वो 27 अक्टूबर तक 2 हजार करोड़ रुपये जमा करे। कोर्ट ने बैंकों से कहा है कि वो स्वार्थी न बने और खरीददारों की चिंता करे। कोर्ट ने इसके साथ कंपनी के एमडी समेत सभी डायरेक्टर्स के विदेश यात्रा करने पर रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने जेपी ग्रुप को झटका देते हुए उसकी SEZ लीज को खत्म कर दिया है। जेपी ग्रुप पर यमुना अथॉरिटी का 453 करोड़ रुपये का बकाया था। अथॉरिटी ने 500 एकड़ की जमीन अलॉट की थी। यह जमीन ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ है। इस जमीन के पास में ही बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट और जेपी की स्पोर्ट्स सिटी मौजूद है। जेपी ने अथॉरिटी से लीज पर जमीन लेकर के कई प्राइवेट बिल्डरों को सब-लीज पर दे दी थी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण में दी गई जमीन 90 साल की लीज पर थी। लीज होल्ड होने के कारण मालिकाना हक प्राधिकरणों के पास ही है। ऐसे में कोई भी बैंक या संस्था तब तक यहां की किसी भी संपत्ति की नीलामी नहीं कर सकती, जब तक कि प्राधिकरण से एनओसी न ले ले। प्राधिकरणों का कहना है कि किसी भी संपत्ति की नीलामी की अनुमति देने से पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्राधिकरण और खरीदारों का पैसा न डूबे। ऐसे में अगर जेपी इंफ्राटेक के नाम पर आवंटित संपत्ति की नीलामी का आदेश होता है तो भी प्राधिकरण की मर्जी के बिना बैंक नीलामी नहीं कर सकेगा। यमुना प्राधिकरण के मुताबिक जेपी इंफ्राटेक के नाम पर यमुना एक्सप्रेसवे ही है। नोएडा में स्थित एलएफडी वन (विश टाउन, अमन आदि) आदि भी जेपी इंफ्राटेक के नाम पर है। यमुना की तरह नोएडा में भी प्राधिकरण की एनओसी के बिना किसी भी संपत्ति की नीलामी नहीं हो सकती है।

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