कल होगा राष्‍ट्रपति चुनाव के लिए मतदान, जानें क्‍या है पूरी प्रकिया

नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रपति चुनाव का समय अब नजदीक आ गया है। कल सोमवार 17 जुलाई को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए मतदान होगा और 20 जुलाई को वोटों की गिनती होगी। इसके लिए एनडीए की तरफ रामनाथ कोविंद और विपक्ष की तरफ से मीरा कुमार मैदान में हैं। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल आगामी 25 जुलाई को पूरा हो रहा है। आपको पता है कि देश में राष्ट्रपति का चुनाव आम प्रक्रिया के तहत नहीं किया जाता, इसके लिए एक खास प्रक्रिया को अपनाया जाता है जिसे इलेक्‍ट्रॉल कालेज कहते हैं। इस प्रक्रिया में जनता सीधे अपने राष्ट्रपति का नहीं चुनती, बल्कि उसके द्वारा चुने गए विधायक और सांसद मिलकर राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। आइए आपको बताते हैं क्या है राष्ट्रपति चुनाव की यह प्रक्रिया और कैसे चुना जाता है देश का राष्ट्रपति। यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिलहाल लोकसभा के सांसद हैं। उनके अलावा केशव प्रसाद मौर्या और गोवा के सीएम बन चुके मनोहर पार्रिकर भी फिलहाल सांसद हैं। लिहाजा उनके वोट की कीमत ज्‍यादा है और वह वोट भी वहीं डालेंगे। राष्ट्रपति चुनाव में देश के सभी विधायक और सांसद मतदान करते हैं। चुनाव में जीत के लिए कुल 5.49 लाख मूल्य के वोटों की दरकरार होती है। चुनाव में प्रत्येक विधायक और सांसद के मत का वेटेज निर्धारित होता है। इसका गणित प्रत्येक राज्य की आबादी और उसके कुल विधायकों के अनुपात से निकाला जाता है। इसका हिसाब साल 1971 में हुई जनगणना से लगाया जाता है, जो साल 2026 तक चलेगा। मसलन 1971 की जनगणना के अनुसार मध्यप्रदेश की आबादी 30,017,180 थी, और राज्य के कुल विधायकों की संख्या 230 है। अब इन विधायकों के वोटों का गणित निकालने के लिए 30,017,180 की संख्या को 230 से भाग दिया जाता है। जो संख्या आती है उसे फिर 1000 से भाग किया जाता है। इससे जो संख्या निकलकर आती है वो उस राज्य के विधायकों के वोटों का मूल्य माना जाता है। इसी तरह सभी राज्यों की आबादी के हिसाब से प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के विधायकों का वोट ‌मूल्य तय कर लिया जाता है। सांसदों के वोटों का मूल्य निकालने के लिए देश के सभी विधायकों के कुल मूल्य से भाग कर दिया जाता है जो संख्या निकलकर आती है वो सांसद के वोट का मूल्य होता है।

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