'हिंदू आतंकवाद' कांग्रेस का पुराना पैंतरा, कल से कर्नाटक में जेल भरो आंदोलन: भाजपा

नई दिल्ली कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा को कट्टरपंथी कहा जिसके बाद पार्टी भड़क कर्नाटक सरकार पर भड़क गई है। पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी हिंदू आतंकवाद की बात करती रही है और इस बार सिद्धारमैया ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। वहीं राज्य की बीजेपी नेता शोभा करंदलजे ने कल से राज्य में जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है। ​साफ है कि इस मुद्दे पर भाजपा बेहद आक्रमक हो चुकी है। गौरतलब है कि सिद्धारमैया ने भाजपा, आरएसएस और बजरंग दल में अतिवादी और कट्टरपंथी तत्व भरे होने का आरोप लगाया है और हिंदू विरोधी होने की बात कही। यही नहीं सीएम सिद्धारमैया बिना किसी के नाम का जिक्र करते हुए अमित शाह को निशाने में लेते हुए कहा कि जो भी कर्नाटक की शांति में खलल डालेगा, उसे हमारी सरकार नहीं छोड़ेगी। हम ऐसा करने वाले किसी को भी बर्दाश्त नहीं करेंगे, फिर चाहे वो बजरंग दल का हो या फिर एसडीपीआई। जिसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कर्नाटक सरकार को हिंदू विरोधी बताने वाले बयान पर राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तीखा पलटवार किया है। गौरतलब है कि अध्यक्ष अमित शाह ने चित्रादुर्गा में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मैं सीएम के उन सवालों का जवाब देने आया हूं जिसमें उन्होंने पूछा था कि केंद्र सरकार ने कर्नाटक के लिए क्या किया? शाह ने कहा था कि यूपीए सरकार ने 13वें फाइनेंस कमीशन के मुताबिक कर्नाटक को 88 हजार 583 करोड़ रुपये आबंटित किये गए थे। जबकि हमारी सरकार ने 14 वें फाइनेंस कमीशन के मुताबिक कर्नाटक को 2 लाख 19 हजार करोड़ रुपये आबंटित किये। केंद्र द्वारा दिये गए रुपयों का कर्नाटक सरकार ने क्या किया? क्या इन रुपयों का उपयोग गांवों में हुआ? अपने गांवों में किसी कांग्रेस कार्यकर्ता के घर को देखिये, पांच साल पहले उनके घर में कुछ नहीं था लेकिन आज चार मंजिला घर बना हुआ है। उनके घर के सामने महंगी गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इसके साथ ही बीजेपी अध्यक्ष ने कर्नाटक सरकार पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह हिंदुत्व विरोधी सरकार है। इन्होंने SDPI के खिलाफ सभी केसों को खत्म कर दिया है। SDPI एक भारत विरोधी संगठन है। दूसरी तरफ कर्नाटक कांग्रेस के चीफ दिनेश गुंडू राव ने कहा कि 'कर्नाटक में राजनीतिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और एसडीपीआई और बजरंग दल जैसे संगठनों को बैन करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है अगर सरकार के पास प्रुफ हैं तो वह इन्हें बैन करे।'

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