पाकिस्‍तान में जिसे हाफिज सईद लड़ा रहा चुनाव, वो भी है एक आतंकी

पाक सेना की योजना का हिस्सा है आतंकी संगठनों द्वारा नई राजनीतिक पार्टियां बनाना! वाशिंगटन,। कुख्‍यात आतंकी हाफिज मोहम्‍मद सईद अब राजनीति में भी हाथ आजमाने की कोशिश कर रहा है और पाकिस्‍तान के एक चुनाव में उसने अपना एक प्रतिनिधि भी उतार दिया है। मगर हैरानी की बात ये है कि उसका यह प्रतिनिधि में एक घोषित आतंकी है। हाल ही में हाफिज सईद ने मिल्‍ली मुस्लिम लीग नामक एक राजनीतिक पार्टी लॉन्‍च की है, जो नेशनल असेंबली में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सीट के लिए लड़ रही है। हाफिज सईद दक्षिण एशिया के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से एक है, जिस पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर (करीब 650 करोड़ रुपए) का इनाम भी रखा है। अब भले ही पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने चुनावी प्रचार के पोस्टर में हाफिज सईद की तस्वीरें लगाने से सख्त मना किया हुआ है, लेकिन लाहौर में हर तरफ उसकी तस्‍वीर वाले पोस्टर लगे हुए हैं। हाफिज सईद ने अपनी ओर से मुहम्मद याकूब शेख को चुनावी मैदान में प्रतिनिधि के तौर पर उतारा है, जो जमात-उद-दावा का एक सरगना है। आपको बता दें की जमात-उद-दावा की स्थापना भी हाफिज सईद ने ही की थी, जो लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता है। पाक सेना ने इन पर लगे आतंकवादी गुट के दाग मिटाने की योजना 2016 में बनाई थी, जिसके तहत उन्हें राजनीति में किस्मत आजमाने के लिए तैयार किया गया। यह खुलासा आईएसआई से अलग, पाक सेना के सैन्य खुफिया विभाग के पूर्व निदेशक जनरल शोएब ने किया। रिटायर्ड जनरल शोएब के मुताबिक, सेना की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने पहली बार अप्रैल 2016 में राजनीतिक तौर पर इस योजना को आगे बढ़ाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव आईएसआई के प्रमुख ने लिखित रूप से उनके साथ साझा किया था। शोएब ने बताया कि आईएसआई प्रमुख ने खुद को खलील और सईद के साथ योजना के बारे में एक अनौपचारिक बातचीत भी की थी। मैंने जब सईद व खलील से बात की तो दोनों ही इस पर काफी सकारात्मक दिखाई दिए। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस प्रस्ताव के खिलाफ थे।

संयुक्त राष्ट्र में आमने-सामने हो सकते हैं भारत पाक के विदेश मंत्री

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में आमने-सामने हो सकते हैं। दोनों ही नेता अगले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की 72वीं जनरल असेंबली, शंघाई सहयोग संगठन और सार्क समूह की बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। शंघाई सहोयग संगठन और सार्क समूह बैठक के साथ-साथ सुषमा स्वराज 15 अन्य महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा ले सकती है। इन बैठकों में जी77 बैठक, एसयू बैठक, जी4 बैठक और ब्रिक्स देशों की बैठक शामिल हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि मंत्रालय ने कुल 7 से 8 दिनों का प्लान तैयार किया है। वह रविवार को यहां पहुंच जाएंगी। कार्यक्रम सोमवार से शुरू होगा। उन्होंने बताया कि सुषमा स्वराज का कार्यक्रम की मोटा मोटी जानकारी सभी को पता है। 23 सितंबर को वह यूएन सभा में भाषण देंगी। वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्री से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कोई भी जानकारी न होने की बात कही। उन्होने कहा कि अगर रीजनल मीटिंग में पाकिस्तान के विदेश मंत्री मौजूद रहते हैं, तो मुलाकात हो सकती है, लेकिन इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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